आज सुप्रीम कोर्ट ने आर्टिकल 370 को निरस्त जाने के खिलाफ दायर याचिका पर फैसला सुनाया है। कोर्ट ने माना है कि आर्टिकल 370 एक अस्थायी प्रावधान था। चीफ जस्टिस ने कहा कि आर्टिकल 370 को निरस्त किए जाने की प्रक्रिया में कोई खामी नहीं दिखती है। इस तरह सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा आर्टिकल 370 निरस्त किए जाने के फैसले पर मुहर लगा दी है। कोर्ट के फैसले को लेकर I.N.D.I.A गठबंधन में शामिल दलों में ही टकराव देखने को मिल रहा है। I.N.D.I.A गठबंधन कुछ दल के नेता फैसले का स्वागत कर रहे है। वहीं कुछ दल नेता फिर से कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कर रहे हैं।
PDP और NC की फैसले से खुश नहीं
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सबसे बड़ा झटका जम्मू-कशमीर की क्षेत्रीय पार्टी PDP और NC को लगा है। नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा, ”हमने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था क्योंकि हमें न्याय की उम्मीद थी। हम सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हैं। हमारी कोशिशें यहीं ख़त्म नहीं होंगी। हम फिर से अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे? हम कानूनी परामर्श के बाद इस पर फैसला करेंगे। वहीं PDP प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो पोस्ट किया है। जिसमें उन्होंने कहा कि “हिम्मत नहीं हारे, उम्मीद न छोड़े, जम्मू-कश्मीर ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। सुप्रीम कोर्ट का आज का फैसला यह एक मुश्किल पड़ाव है, यह मंजिल नहीं है। हमारे विरोधी चाहते हैं कि हम उम्मीद छोड़कर इस शिकस्त को स्वीकार करें। यह हमारी हार नहीं यह देश के धैर्य की हार है।”
फैसले में समर्थन में शिवसेना(उद्वव गुट)
एक ओर जहाँ PDP और NC सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश नहीं है। वहीं दूसरी तरफ I.N.D.I.A गठबंधन में उनकी साथी शिवसेना(उद्वव गुट) ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ख़ुशी जाहिर की है। शिव सेना (उद्वव गुट) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा, “हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। धारा 370 खत्म करने के समय हमने इसका समर्थन किया था। उम्मीद करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट का जो दूसरा आदेश है कि अगले सितंबर तक वहां चुनाव होने चाहिए, वह जल्द से जल्द हो जाएगा। वहां की जनता है उनको खुली हवा में मतदान करने का अवसर मिलेगा। चुनाव के पहले अगर PoK भी आ जाता है तो पूरे कश्मीर में चुनाव हो जाएगा और देश का एक हिस्सा बरकरार रहेगा।”




















