NEET Student Murder: बिहार की राजनीति एक बार फिर कानून-व्यवस्था और अपराध के मुद्दे पर आमने-सामने आ गई है। ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी सोमवार को नालंदा दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने पटना में नीट की छात्रा की हत्या को लेकर विपक्ष और खासतौर पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बयान पर जोरदार पलटवार किया। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि बिहार की मौजूदा सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतती, जबकि लालू-राबड़ी शासनकाल में अपराधियों को खुला संरक्षण मिला करता था।
अशोक चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर सख्ती से अमल हो रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार के साथ काम करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अगर अपराध में संलिप्तता सामने आई है, तो उसे न तो राजनीतिक संरक्षण मिला और न ही नजरअंदाज किया गया। ऐसे मामलों में पार्टी से निष्कासन, निलंबन और कानूनी कार्रवाई तक की मिसालें मौजूद हैं, जो इस सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
पटना शंभू हॉस्टल केस में फॉरेंसिक एंगल से बड़ा मोड़.. FSL जांच से खुलेगा मौत और शोषण का सच
पटना में हुई नीट की छात्रा की हत्या को लेकर मंत्री ने कहा कि यह बेहद जघन्य और संवेदनशील मामला है, जिसे सरकार पूरी गंभीरता से ले रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस घटना की हर स्तर पर निगरानी की जा रही है और सच्चाई सामने लाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। अशोक चौधरी ने यह भी कहा कि कुछ मामलों में जांच प्रक्रिया को समय लगता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। जल्द ही इस हत्याकांड का पूर्ण उद्भेदन होगा और दोषियों को सख्त सजा मिलेगी।
तेजस्वी यादव के आरोपों पर पलटवार करते हुए अशोक चौधरी ने कहा कि वे हर छोटी-बड़ी घटना के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जिम्मेदार ठहराते हैं, लेकिन अपने शासनकाल के अराजक हालात और उस दौर में बिहार से हुए बड़े पैमाने पर पलायन को भूल जाते हैं। मंत्री के मुताबिक, लालू-राबड़ी शासन के समय राज्य की बदहाली, बेरोजगारी और अपराध की छवि आज भी जनता के जहन में ताजा है।
राजनीतिक भविष्यवाणी करते हुए अशोक चौधरी ने दावा किया कि बिहार की जनता पहले भी तेजस्वी यादव को सबक सिखा चुकी है और आने वाले 2025 के विधानसभा चुनाव में भी वही इतिहास दोहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि तेजस्वी यादव की राजनीतिक हैसियत सीमित हो चुकी है और उनकी राजनीति अब कुछ सीटों तक सिमट कर रह गई है। मंत्री के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी और तेज होने के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं।





















