पूर्व राजस्थान मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने शनिवार को पटना पहुंचकर बिहार विधानसभा चुनाव को राष्ट्रीय महत्व का मुद्दा बताते हुए विपक्षी महागठबंधन के पक्ष में जोरदार प्रचार किया। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर बार-बार गठबंधन बदलने और ‘पलटी मारने’ का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे उनकी छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है। गहलोत ने बिहार के युवाओं से रोजगार के मुद्दे पर एकजुट होकर बदलाव लाने की अपील की, जो राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है।
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गहलोत पटना के गांधी मैदान में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करने पहुंचे थे, जहां वे महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव के साथ नजर आए। उन्होंने कहा, “बिहार चुनाव सिर्फ राज्य का नहीं, बल्कि पूरे देश का भविष्य तय करेगा। यहां जो संदेश जाएगा, वह 2029 के लोकसभा चुनाव को प्रभावित करेगा।” उन्होंने नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए जोड़ा, “नीतीश जी को मैं लंबे समय से जानता हूं। संसद में हम साथ बैठते थे। वे कभी गठबंधन की बात करते थे, कभी प्रधानमंत्री बनने का सपना देखते थे। लेकिन बार-बार पाला बदलने से उनकी पर्सनैलिटी को डैमेज हो गया है। जनता अब ऐसे नेताओं को माफ नहीं करेगी।
गहलोत ने बिहार की बेरोजगारी दर को राज्य की सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि नीतीश सरकार के वादे खोखले साबित हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन सत्ता में आने पर 10 लाख नौकरियां पैदा करेगा और युवाओं को प्राथमिकता देगा। “बिहार के युवाओं से अपील है कि रोजगार के इस मुद्दे पर आगे आएं। बदलाव की बेला है, पीछे न हटें। तेजस्वी यादव जैसे युवा नेता ही बिहार को नई दिशा देंगे,” उन्होंने कहा।इस बीच, गहलोत ने हाल ही में तेजस्वी को महागठबंधन का सीएम फेस घोषित करने का ऐलान किया था, जिससे एनडीए में हड़कंप मच गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि एनडीए अब नीतीश को सीएम फेस क्यों नहीं बता रहा? केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए गहलोत ने कहा, “भाजपा नीतीश को दोबारा सीएम बनाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही। यह उनकी कमजोरी का प्रमाण है।”






















