रांची : झारखंड भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि किसी भी समाज या राष्ट्र को प्रगति के लिए समय के साथ कदम मिलाकर चलना जरूरी है। रांची में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मरांडी ने इस विधेयक को लेकर अपनी राय रखी और विपक्ष पर भी निशाना साधा। मरांडी ने कहा, “समय के साथ यदि हम चलना नहीं सीखते, तो व्यक्ति दुनिया की दौड़ में पिछड़ जाता है। कोई भी समाज या राष्ट्र समय के साथ चलना चाहिए। केंद्र सरकार जो वक्फ संशोधन विधेयक लाई है, उसे सभी लोगों को समर्थन देना चाहिए ताकि इसे पास किया जा सके।”
उन्होंने इस विधेयक को आधुनिक समय की जरूरतों के अनुरूप बताया। विपक्ष द्वारा इस विधेयक का विरोध किए जाने पर मरांडी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “विपक्ष हर बिल का विरोध करता है। तीन तलाक जैसी कुप्रथा, जो कई मुस्लिम देशों में भी प्रतिबंधित है, उसका भी विरोध किया गया था। लेकिन आज मुस्लिम समाज के कई धर्मगुरु लंबे समय से वक्फ सुधार की मांग कर रहे थे और अब वे इस विधेयक का समर्थन भी कर रहे हैं।” वक्फ संशोधन विधेयक 2024 का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और पारदर्शी बनाना है। इस विधेयक में वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने, संपत्तियों के पंजीकरण को अनिवार्य करने और कानूनी विवादों को कम करने जैसे प्रावधान शामिल हैं।
हालांकि, इस विधेयक को लेकर विपक्ष और कुछ मुस्लिम संगठनों ने आपत्ति जताई है । बता दें पहले भी हुआ है भारी समर्थन और विरोध पिछले साल सितंबर 2024 में संसद की संयुक्त समिति को इस विधेयक पर 8 लाख से अधिक याचिकाएं प्राप्त हुई थीं, जो इस मुद्दे पर जनता और संस्थानों की गहरी रुचि को दर्शाता है। विधेयक को लेकर बहस अभी भी जारी है, लेकिन मरांडी जैसे नेताओं का समर्थन इसे और मजबूती दे रहा है। मरांडी के इस बयान ने एक बार फिर वक्फ संशोधन विधेयक को चर्चा में ला दिया है। अब देखना यह है कि यह विधेयक संसद में कब तक पारित हो पाता है और इसका असर जमीनी स्तर पर कैसे दिखाई देता है।