पटना जिले के बाढ़ थाना (Badh Patna News) क्षेत्र के सादिकपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई थीं। उनके साथ मंच पर बाढ़ के विधायक डॉ. सियाराम सिंह भी मौजूद थे। कार्यक्रम का उद्देश्य केंद्र सरकार की ‘विकसित भारत’ योजना से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाना और स्थानीय नागरिकों की समस्याएं सुनना था। इसी क्रम में मंत्री मंच पर बैठकर आम लोगों से सीधे संवाद कर रही थीं और उनसे आवेदन भी ले रही थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही लोगों को मंत्री के पास जाने और उनके साथ फोटो खिंचवाने का अवसर मिला, बड़ी संख्या में लोग अचानक मंच की ओर बढ़ गए। देखते ही देखते मंच पर भीड़ क्षमता से कहीं अधिक हो गई। लकड़ी से बने अस्थायी स्ट्रक्चर पर जब एक साथ कई लोग चढ़े, तो मंच का संतुलन बिगड़ गया और वह एक तरफ से धंस गया। मंच के हिलते ही वहां अफरा-तफरी मच गई और कुछ पलों के लिए भगदड़ जैसे हालात बन गए।

हादसे के तुरंत बाद खेल मंत्री श्रेयसी सिंह के सुरक्षाकर्मी पूरी तरह सक्रिय हो गए। उन्होंने बिना देर किए मंत्री को संभाला और सुरक्षित घेरे में लेकर मंच से नीचे उतार लिया। मंच पर मौजूद विधायक डॉ. सियाराम सिंह भी इस हादसे में बाल-बाल बच गए। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी वीआईपी या आम नागरिक को गंभीर चोट नहीं आई।
मंच धंसने की यह घटना प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। वीआईपी कार्यक्रम होने के बावजूद मंच की मजबूती की तकनीकी जांच और भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि थोड़ी और देरी हो जाती, तो यह घटना बड़े हादसे में बदल सकती थी। कार्यक्रम आयोजकों की लापरवाही और प्रशासन की ढिलाई अब चर्चा का विषय बन गई है।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासन की टीम ने स्थिति को संभाला और भीड़ को नियंत्रित किया। सुरक्षा घेरा और कड़ा कर दिया गया। मंच क्षतिग्रस्त होने के बावजूद खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने संयम बनाए रखा और लोगों को शांत रहने का संदेश दिया। उनके इस व्यवहार की वहां मौजूद लोगों ने सराहना भी की।






















