इस्लामाबाद: बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के लगातार हमलों ने चीन की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। बलूचिस्तान में चीनी परियोजनाओं पर असर पड़ने से बीजिंग ने इस्लामाबाद को कड़ी चेतावनी दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन ने पाकिस्तानी राजदूत को तलब कर स्पष्ट किया कि पाकिस्तान में काम कर रहे चीनी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस बातचीत के दौरान चीन ने पाकिस्तान से ठोस सुरक्षा उपायों की मांग की। बीजिंग में तैनात पाकिस्तानी राजदूत खलील हाशमी ने हैनान प्रांत में बोआओ फोरम के दौरान कहा कि पाकिस्तान अपने स्तर पर हरसंभव प्रयास कर रहा है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सुरक्षा चुनौतियां गंभीर हैं, लेकिन पाकिस्तान इन आतंकवादी ताकतों से निपटने में सक्षम है।
चीन की चेतावनी, पाक की जवाबदेही
BLA लंबे समय से पाकिस्तान में चीनी नागरिकों को निशाना बना रहा है। पिछले साल कराची हवाई अड्डे के पास हुए आत्मघाती हमले में दो चीनी नागरिकों की मौत के बाद बीजिंग ने गहरी नाराजगी जताई थी। इसके बाद चीन ने बलूचिस्तान में कई प्रोजेक्ट्स पर काम रोक दिया था, जिससे पाकिस्तान को आर्थिक झटका लगा। फरवरी में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने चीन की यात्रा कर राष्ट्रपति शी जिनपिंग को आश्वासन दिया था कि पाकिस्तान चीनी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। हालांकि, हालिया जाफर एक्सप्रेस हाईजैक और पाकिस्तानी सेना की बस पर हमले के बाद चीन की चिंता और बढ़ गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, BLA के हमलों में और तेजी आने की संभावना है, जिससे चीन और पाकिस्तान दोनों के लिए CPEC परियोजना का भविष्य संकट में पड़ सकता है। बलूच संगठनों ने साफ कर दिया है कि वे इस प्रोजेक्ट को सफल नहीं होने देंगे। चीन के 50 अरब डॉलर से अधिक के निवेश के बावजूद CPEC अब तक कोई ठोस लाभ नहीं दे पाया है, जिससे यह दोनों देशों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है।