केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आज 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले यूनियन बजट 2026-27 में किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाओं की उम्मीद जगी है। किसान संगठनों और विशेषज्ञों की प्रमुख मांगों में खाद-बीज की बेहतर उपलब्धता, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को मजबूत बनाना या कानूनी दर्जा देना, और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की वार्षिक राशि में इजाफा शामिल है।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में वित्त मंत्री ने बताया था कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक 11 करोड़ से अधिक किसानों को 4.09 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की सीधी मदद पहुंचाई जा चुकी है। वर्तमान में इस योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये (तीन किस्तों में 2,000-2,000 रुपये) मिलते हैं। बजट में इस राशि को बढ़ाकर 9,000 रुपये सालाना करने की व्यापक चर्चा है, जो किसानों की बढ़ती खेती लागत को देखते हुए राहत दे सकती है।
कृषि क्षेत्र के लिए कुल आवंटन पिछले बजट में करीब 1.37 लाख करोड़ रुपये रहा था, लेकिन MSP, सब्सिडी सहित प्रभावी खर्च इससे कहीं अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि बजट में कृषि को प्राथमिकता देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास होगा, खासकर जब वैश्विक व्यापार चुनौतियां और जलवायु परिवर्तन किसानों के सामने बड़ी बाधा बने हुए हैं।






















