Bihar Crime Action: बिहार में नई सरकार के काबिज होने के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर जिस आक्रामकता की प्रतीक्षा लंबे समय से थी, वह अब जमीन पर साफ दिखने लगी है। अपराधियों और संगठित अपराध गठजोड़ पर कसा जा रहा शिकंजा इस बात का संकेत है कि मौजूदा गृह मंत्री सम्राट चौधरी का प्रशासन किसी भी प्रकार की ढिलाई देने के मूड में नहीं है। राजधानी पटना से लेकर सुदूर जिलों तक, कहीं अतिक्रमण हटाया जा रहा है, कहीं माफियाओं की कोठियों पर बुलडोजर गरज रहे हैं और अब पूरे राज्य में संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है।
डीजीपी विनय कुमार ने इस पूरे एक्शन प्लान का ब्लूप्रिंट सार्वजनिक करते हुए बताया कि सरकार ने पिछले कुछ महीनों में 400 कुख्यात अपराधियों की अवैध संपत्तियां जब्त करने की प्रक्रिया न्यायालय में भेज दी है। ये वे आरोपी हैं जिनकी आय का बड़ा हिस्सा अवैध धंधों पर टिका था। सरकार के अनुसार अब 1200 से 1300 और अपराधियों को चिन्हित कर लिया गया है, जिनकी संपत्तियों के दस्तावेज इकट्ठा किए जा रहे हैं और जल्द ही इन्हें भी कानूनी कुर्की की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। इसमें शराब, बालू, जमीन माफिया, कॉन्ट्रैक्ट किलर और संगठित गैंग के कई बड़े चेहरे शामिल बताए जा रहे हैं।
बिहार पुलिस का यह रुख बताता है कि राज्य प्रशासन अब केवल गिरफ्तारी भर पर भरोसा नहीं रखना चाहता, बल्कि अपराध से कमाई गई पूरी आर्थिक ताकत को ध्वस्त करने की रणनीति पर चल रहा है। डीजीपी ने कहा कि अपराधियों की संपत्ति जब्त होने से उनकी नेटवर्किंग, फंडिंग और आपराधिक प्रभाव को सीधे चोट पहुंचेगी, जिससे आगे की आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगेगा।
सरकार के इस बड़े अभियान का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा महिलाओं की सुरक्षा को लेकर है। डीजीपी विनय कुमार के अनुसार बिहार में एंटी-रोमियो प्रकार की एक स्पेशल स्क्वाड गठित की जा रही है, जिसका प्राथमिक उद्देश्य स्कूल-कॉलेज के बाहर लड़कियों को छेड़ने, पीछा करने और उत्पीड़न की घटनाओं को जड़ से खत्म करना है। इसी लक्ष्य से सरकार इस साल 2000 स्कूटी खरीदने जा रही है, जिन्हें महिला पुलिस पदाधिकारियों को सौंपा जाएगा। ये सभी स्कूटी-बोर्न महिला पुलिसकर्मी स्कूल और कॉलेज समय के आसपास गश्त में रहेंगी और किसी भी प्रकार की हरकत दिखते ही तुरंत कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी।
यह पहली बार है जब बिहार में इतने बड़े पैमाने पर महिला पुलिसकर्मियों की सक्रिय पेट्रोलिंग शुरू की जा रही है। डीजीपी ने साफ कहा कि सड़क पर लड़कियों को परेशान करने वालों पर अब किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। गलत हरकत करते पकड़ा गया कोई भी युवक सीधे कानूनी शिकंजे में आएगा और निरोधात्मक कार्रवाई से लेकर जेल भेजे जाने तक का रास्ता उसके लिए खुला रहेगा। प्रशासन का मानना है कि यह कदम स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा और अभिभावकों के भरोसे दोनों को मजबूत करेगा।
गृह मंत्री सम्राट चौधरी के विभाग संभालते ही जिस तीव्र गति से कार्रवाई शुरू हुई, उसने स्पष्ट कर दिया है कि नई सरकार कानून-व्यवस्था को राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्राथमिकता मानकर चल रही है। पूरे बिहार में अवैध कब्जों पर कार्रवाई, माफियाओं की संपत्तियों पर बुलडोजर और अब संगठित अपराध के हजारों चेहरों की सूची… यह सब मिलकर एक बड़े बदलाव की ओर संकेत कर रहा है।






















