Bihar Agriculture News: नववर्ष 2026 की शुरुआत बिहार के किसानों के लिए नई उम्मीदों और बड़े विज़न के साथ हुई है। राज्य के माननीय कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने नए साल के अवसर पर अन्नदाता किसानों, कृषि वैज्ञानिकों, कृषक उत्पादक संगठनों, स्वयं सहायता समूहों और कृषि से जुड़े हर कर्मयोगी को शुभकामनाएं देते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों के सम्मान, हित और सुविधा से किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा। यह केवल एक बयान नहीं, बल्कि राज्य सरकार की ठोस नीति और दृढ़ संकल्प का प्रतिबिंब है।
कृषि मंत्री ने अपने संदेश में यह रेखांकित किया कि बिहार का किसान अब केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा। बदलते दौर में खेती को बाज़ार, ब्रांड और वैश्विक मांग से जोड़ना समय की आवश्यकता है। इसी सोच के साथ ‘खेत से ग्लोबल’ की अवधारणा को ज़मीनी हकीकत में बदलने के लिए कृषि विभाग लगातार काम कर रहा है। राज्य से सब्ज़ी, फल, मक्का, चावल, मसाले और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे, गुणवत्ता मानकों और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से संपर्क को प्राथमिकता दी जा रही है।
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उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने, लैब टू लैंड, वैल्यू एडिशन, फूड प्रोसेसिंग और निर्यातोन्मुख कृषि को जो राष्ट्रीय दिशा दी गई है, बिहार सरकार उसी विज़न को पूरी ताकत से आगे बढ़ा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वैज्ञानिक शोध, नई तकनीक और आधुनिक कृषि पद्धतियों का सीधा लाभ खेतों तक पहुंचे और किसान बदलती वैश्विक मांग के अनुरूप उत्पादन कर सके।
कृषि मंत्री ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार कृषि आधारित उद्योगों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। फूड प्रोसेसिंग यूनिट, कोल्ड स्टोरेज, पैकेजिंग, वेयरहाउस, डेयरी, मत्स्य और अन्य कृषि आधारित लघु उद्योगों के माध्यम से किसानों को स्थानीय स्तर पर ही बाज़ार, बेहतर मूल्य और रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे न केवल फसलों की बर्बादी रुकेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।
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उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार का लक्ष्य किसान को केवल कच्चा माल बेचने वाला नहीं, बल्कि मूल्य संवर्धन के ज़रिए लाभ का भागीदार बनाना है। जब खेत में उगाई गई फसल फैक्ट्री, ब्रांड और वैश्विक बाज़ार तक पहुंचेगी, तभी किसान की आय स्थायी रूप से बढ़ेगी और खेती एक लाभकारी उद्यम बनेगी। यह बदलाव बिहार की कृषि को पारंपरिक ढांचे से निकालकर आधुनिक और प्रतिस्पर्धी स्वरूप देगा।
कृषि मंत्री ने दोहराया कि विभाग का स्पष्ट संकल्प है किसानों को उचित मूल्य, सशक्त बाज़ार व्यवस्था, तेज़ समस्या समाधान, निर्यात के अवसर, युवा किसानों और एग्री-स्टार्टअप्स के लिए अनुकूल माहौल देना। उनका मानना है कि जब किसान खुशहाल होगा, तभी बिहार आत्मनिर्भर बनेगा। नए साल को उन्होंने किसानों के जीवन में सुरक्षा, समृद्धि और सम्मान का प्रतीक बताया और विश्वास जताया कि आने वाले दिन वास्तव में किसानों के होंगे, जब बिहार का अन्नदाता आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेगा।





















