Arsenic Water Bihar: बिहार विधानसभा में मनेर और बिहटा क्षेत्र में आर्सेनिक युक्त पानी के मुद्दे पर उस वक्त माहौल गर्म हो गया, जब राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने सरकार से सीधे जवाब मांगा। उनका सवाल जनस्वास्थ्य से जुड़ा था, लेकिन चर्चा देखते ही देखते व्यक्तिगत टिप्पणियों और तीखी राजनीतिक नोकझोंक में बदल गई। सदन में मौजूद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रतिक्रिया पर भाई वीरेंद्र ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि “आपको इसलिए कहा जाता है कि दवा खाकर आया कीजिए, अपनी ही बात भूल जाते हैं।” इस बयान के बाद सदन में शोर-शराबा बढ़ गया और विपक्ष तथा सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
भाई वीरेंद्र ने मनेर और बिहटा में पीने के पानी में आर्सेनिक की बढ़ती मात्रा को लेकर सरकार से ठोस आंकड़े और समाधान की मांग की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक तकनीकी या प्रशासनिक मुद्दा नहीं, बल्कि लाखों लोगों के जीवन से जुड़ा गंभीर स्वास्थ्य संकट है। आर्सेनिक युक्त पानी लंबे समय तक सेवन करने से कैंसर, त्वचा रोग और अन्य जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ता है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इस समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल करे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रतिक्रिया के बाद जब भाई वीरेंद्र ने दवा वाली टिप्पणी की, तो उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी बहस में कूद पड़े। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का आशय यह था कि इतनी ठंड नहीं है कि कोई इतना कपड़ा पहनकर आए। इस बयान ने बहस को और तीखा बना दिया और सदन का ध्यान मूल मुद्दे यानी आर्सेनिक युक्त पानी से हटकर राजनीतिक तंज-कसक पर चला गया।






















