बिहार की सियासत (Bihar Political Clash) में भारत रत्न को लेकर नई जंग छिड़ गई है। पहले JDU के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद केसी त्यागी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की वकालत की। इस कदम के बाद राजनीतिक माथापच्ची शुरू ही हुई थी कि तेज प्रताप यादव ने अपने पिता और RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के लिए भारत रत्न की मांग ठोंक दी। नतीजतन, राज्य की राजनीति अचानक नए मोड़ पर पहुँच गई और बयानबाज़ी का दौर तेज हो गया।
BJP की ओर से तेज प्रताप की मांग पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। बीजेपी सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने तेज प्रताप यादव के बयान पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भारत रत्न देश का सर्वोच्च सम्मान है, जिसे असाधारण योगदान देने वालों को दिया जाता है। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि क्या जेल जाने वाले भी इस सम्मान के पात्र हो जाएंगे?
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सिग्रीवाल ने लालू प्रसाद के खिलाफ आरोपों को दोहराते हुए कहा कि वे घोटाले में दोषी ठहराए जा चुके हैं और नौकरी के बदले जमीन मामले में भी चार्जशीट दायर है। इसलिए उनकी नजर में लालू प्रसाद इस सम्मान के योग्य नहीं हैं।
लालू पर तीखे हमलों के बीच सिग्रीवाल का रुख नीतीश कुमार को लेकर पूरी तरह विपरीत रहा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार में जंगल राज खत्म किया, सुशासन लागू किया और विकास की नई दिशा दी। BJP सांसद ने माना कि बिहार के सामाजिक और प्रशासनिक ढांचे में किए गए सुधार नीतीश कुमार को भारत रत्न की चर्चा में शामिल करते हैं।






















