बिहार में भ्रष्टाचार (Bihar Corruption) के खिलाफ कार्रवाई एक बार फिर तेज़ होती दिख रही है। बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (BNAB) ने बीते 24 घंटों में दो बड़े छापों के माध्यम से यह साफ कर दिया है कि राज्य प्रशासन अब रिश्वतखोरी और अवैध लाभ उठाने वालों पर किसी तरह की नरमी नहीं बरतेगा। इस वर्ष अब तक ब्यूरो ने 102 ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया है, जिनमें से 25 आरोपितों को अदालत द्वारा सजा भी सुनाई जा चुकी है। इस उपलब्धि की जानकारी ब्यूरो के महानिदेशक (DG) जितेंद्र सिंह गंगवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साझा की।
उन्होंने बताया कि पहली कार्रवाई एक वरिष्ठ सरकारी ठेकेदार पर हुई, जिसे रिश्वत लेते समय रंगे-हाथ पकड़ा गया। बताया गया कि आरोपी कई सरकारी परियोजनाओं में अनुचित लाभ प्राप्त करने के प्रयास में था। वहीं दूसरी कार्रवाई में एक स्थानीय राजनीतिक नेता को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया। दोनों मामलों में तत्काल जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और मामले कोर्ट में आगे बढ़ाए जा रहे हैं।
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DG गंगवार ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा, और चाहे पद या प्रभाव कितना भी बड़ा क्यों न हो, कानून की पकड़ से कोई भी बच नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन व्यवस्था स्थापित करना ही ब्यूरो का लक्ष्य है, और भविष्य में भी इसी प्रकार की तेज़ और निर्णायक कार्रवाई होती रहेगी।
इन छापेमारियों को लेकर नागरिक समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने निगरानी ब्यूरो के प्रयासों का स्वागत किया है। उनका कहना है कि ऐसी कार्रवाई जनता के भीतर भरोसा बढ़ाती है और यह संदेश देती है कि राज्य अब भ्रष्टाचार को किसी भी परिस्थिति में सहन करने वाला नहीं है।






















