बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने वर्ष 2026 की मैट्रिक और इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा (Bihar Board Exam 2026) को लेकर बड़ा और अहम फैसला लेते हुए विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। परीक्षा तिथियों की घोषणा होते ही राज्यभर के लाखों छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के बीच हलचल तेज हो गई है। बोर्ड की इस पहल को शिक्षा जगत में दूरदर्शी कदम के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि समय रहते शेड्यूल जारी होने से छात्रों को रणनीतिक तैयारी और रिवीजन का पर्याप्त अवसर मिल सकेगा।
बोर्ड के अनुसार, इंटरमीडिएट की वार्षिक परीक्षा 2 फरवरी 2026 से शुरू होकर 13 फरवरी 2026 तक चलेगी। वहीं, मैट्रिक की परीक्षा 17 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 के बीच आयोजित की जाएगी। विषयवार कार्यक्रम भी आधिकारिक रूप से जारी कर दिया गया है, जिससे छात्रों को यह स्पष्ट हो गया है कि किस विषय के लिए उन्हें किस तरह से अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता देनी है। इसके साथ ही इंटरमीडिएट के प्रायोगिक विषयों के एडमिट कार्ड जारी किए जाने से यह संकेत साफ है कि बोर्ड परीक्षा की तैयारियां अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी हैं।
अगर मुंगेर जिले की बात करें तो वर्ष 2026 में इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 19,157 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इन छात्रों के लिए जिलेभर में 25 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। जिला मुख्यालय स्तर पर 17 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जबकि हवेली खड़गपुर अनुमंडल में 4 और तारापुर अनुमंडल में 4 परीक्षा केंद्र चिन्हित किए गए हैं। प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि परीक्षा केंद्रों का वितरण संतुलित रहे और परीक्षार्थियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
वहीं, मैट्रिक परीक्षा में इस बार मुंगेर जिले से 21,802 छात्र-छात्राएं परीक्षा में बैठेंगे। इनके लिए कुल 22 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सदर अनुमंडल में 13, हवेली खड़गपुर अनुमंडल में 4 और तारापुर अनुमंडल में 5 परीक्षा केंद्र तय किए गए हैं। पिछले वर्षों के अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार भी केंद्रों की संख्या और स्थान चयन में संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है।
परीक्षा कार्यक्रम जारी होते ही जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष परीक्षा संचालन के लिए सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, मजिस्ट्रेट की तैनाती और पुलिस बल की व्यवस्था को लेकर विस्तृत योजना बनाई जा रही है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी या अनुचित गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शिक्षा विभाग का मानना है कि बोर्ड द्वारा समय पर शेड्यूल जारी किए जाने से छात्रों को अपनी तैयारी को बेहतर ढंग से अंतिम रूप देने का मौका मिला है। अब छात्र अपनी कमजोरियों पर काम कर सकते हैं और सुनियोजित रिवीजन के साथ परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।




















