बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (Bihar Board) के मुख्यालय पर सोमवार को लाइब्रेरी साइंस से जुड़े छात्र-छात्राओं और शिक्षकों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। लंबे समय से लंबित पड़ी लाइब्रेरी बहाली पात्रता परीक्षा को लेकर सैकड़ों छात्र और शिक्षक बोर्ड कार्यालय के गेट पर एकत्र हुए और जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि अविलंब आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाए और परीक्षा की आधिकारिक तिथि घोषित की जाए, ताकि वर्षों से अनिश्चितता में फंसे छात्रों के भविष्य को दिशा मिल सके।

प्रदर्शन के दौरान शिक्षक नवीन सिन्हा ने बिहार बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि चार महीने पहले ही लाइब्रेरी बहाली पात्रता परीक्षा को लेकर आदेश जारी हो चुका था, इसके बावजूद अब तक न तो आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई और न ही परीक्षा कैलेंडर सामने आया। उन्होंने कहा कि बोर्ड की यह टालमटोल नीति लाइब्रेरी साइंस के छात्रों के करियर के साथ खिलवाड़ है। जिन छात्रों ने वर्षों तक पढ़ाई की, आज वे रोजगार और नियुक्ति की आस में दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
नवीन सिन्हा ने यह भी कहा कि यदि समय रहते परीक्षा नहीं कराई गई तो इसका सीधा असर राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा। स्कूलों और संस्थानों में लाइब्रेरियन की भारी कमी पहले से ही महसूस की जा रही है, ऐसे में योग्य अभ्यर्थियों को मौका न मिलना एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।
शिक्षा विभाग में नौकरी का सौदा! आउटसोर्सिंग के नाम पर 40 लाख की ठगी.. अफसरों तक पहुंची रिपोर्ट
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि वे लगातार बिहार बोर्ड से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिलता है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा में हो रही देरी से न सिर्फ उनका आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि मानसिक दबाव भी बढ़ता जा रहा है। कई छात्र ऐसे हैं जिनकी उम्र सीमा निकलने की कगार पर है और यदि जल्द प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो उनके पास कोई विकल्प नहीं बचेगा।
छात्रों ने यह भी कहा कि वे अपनी मांगों को सीधे बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। यदि इसके बावजूद सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि यह सिर्फ एक परीक्षा का सवाल नहीं है, बल्कि हजारों लाइब्रेरी साइंस छात्रों के भविष्य और सम्मान से जुड़ा मुद्दा है।

वहीं, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अधिकारियों की ओर से यह कहा गया है कि छात्रों और शिक्षकों की मांगों पर विचार किया जा रहा है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही परीक्षा तिथि और आवेदन प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाएगी। हालांकि, बोर्ड के इस आश्वासन से छात्र पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आए और उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक ठोस निर्णय सामने नहीं आता, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे।






















