Bihar Budget 2026: नीतीश कुमार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3 लाख 47 हजार 589 करोड़ रुपये का बजट पेश कर बिहार की विकास राजनीति को एक नई दिशा देने की कोशिश की है। विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने जब आय-व्यय का पूरा खाका सदन के सामने रखा, तो साफ संकेत मिला कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं बल्कि सरकार की राजनीतिक और आर्थिक प्राथमिकताओं का घोषणापत्र है। पिछले साल की तुलना में बजट आकार में बढ़ोतरी यह दिखाती है कि सरकार राज्य को तेज आर्थिक विकास की पटरी पर लाने का दावा कर रही है।
बजट भाषण में सरकार ने “सात निश्चय-3” को केंद्र में रखते हुए बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य दोहराया। वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पांच सूत्रों ज्ञान, ईमान, विज्ञान, अरमान और सम्मान को विकास की धुरी बताया। यह संदेश देने की कोशिश की गई कि बिहार की राजनीति अब केवल सामाजिक न्याय तक सीमित नहीं, बल्कि आर्थिक समृद्धि और आधुनिक बुनियादी ढांचे की ओर बढ़ रही है।
सरकार का सबसे बड़ा फोकस रोजगार और महिला सशक्तिकरण पर दिखा। बजट में यह दावा किया गया कि अब तक 1.56 करोड़ से अधिक महिलाओं को रोजगार योजनाओं के तहत 10-10 हजार रुपये की सहायता दी जा चुकी है और अब उन्हें अपने छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता मिलेगी। इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम आगामी चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखकर भी अहम है, क्योंकि महिला मतदाता बिहार की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाती रही हैं।
आर्थिक दृष्टि से सरकार ने बिहार की विकास दर को लेकर भी बड़ा दावा किया है। वित्त मंत्री के अनुसार 2025-26 में बिहार की आर्थिक विकास दर 14.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो इसे देश के तेजी से बढ़ते राज्यों की सूची में रखता है। इसके साथ ही उद्योग क्षेत्र में 50 लाख करोड़ रुपये के निजी निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। यह संकेत है कि सरकार अब राज्य को निवेश के नए केंद्र के रूप में पेश करना चाहती है।
ग्रामीण और कृषि क्षेत्र पर भी बजट का खास जोर रहा। चौथे कृषि रोडमैप के जरिए किसानों की आय बढ़ाने, डेयरी, मत्स्य पालन, पशुपालन और मखाना उद्योग को प्रोत्साहित करने की घोषणा की गई। स्थानीय उत्पादों को बाजार देने के लिए हाट-बाजार विकसित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर सरकार ने पांच नए एक्सप्रेस-वे, हर प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज, जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में बदलने और सौर ऊर्जा के विस्तार जैसे फैसलों की घोषणा की। इसके साथ ही गरीबों के लिए सस्ता आवास, खेल और पर्यटन सुविधाओं का विकास तथा बुजुर्गों को घर बैठे स्वास्थ्य और संपत्ति पंजीकरण की सुविधा देने की बात भी बजट में शामिल है।






















