बिहार विधानसभा में आज (3 फरवरी 2026) वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। यह नीतीश कुमार सरकार का चुनाव के बाद पहला पूर्ण बजट है, जिसमें एनडीए के चुनावी वादों को अमलीजामा पहनाने पर जोर दिया गया है। बजट का आकार करीब 3.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद है, जो पिछले बजट से काफी बढ़ोतरी दर्शाता है।
सरकार ने अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ नौकरियां और रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा है (जिसमें अब तक 50 लाख युवाओं को लाभ मिल चुका है)। फोकस मुख्य रूप से युवाओं की नौकरी, किसानों की आमदनी, महिलाओं की सहायता, औद्योगिक विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत पहले चरण में 10-10 हजार रुपये दिए गए थे। अब महिलाओं को 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि देने की बड़ी घोषणा हो सकती है। यह राशि चरणबद्ध तरीके से दी जाएगी, ताकि महिलाएं अपना कारोबार या स्वरोजगार शुरू कर सकें। महिला सशक्तिकरण और आर्थिक स्वतंत्रता पर विशेष जोर।
बिहार सरकार इस बार शिक्षा विभाग को खास तवज्जो दे सकती है. माना जा रहा है कि शिक्षा के मौजूदा बजट आकार में कम से कम तीन से पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है. इसके साथ ही संभावना जताई जा रही है कि 2025-26 के मुकाबले इस साल यानी कि 2026-27 में 10 हजार करोड़ रुपए अधिक खर्च किए जा सकते हैं.बिहार में फिलहाल फार्मर रजिस्ट्री के जरिए किसानों की डिजिटल आईडी बनाई जा रही है. इसका फायदा किसानों को यह होगा कि वे सरकारी योजनाओं का फायदा आसानी से उठा सकेंगे. आज के बजट में किसानों की आमदनी बढ़ाने को लेकर भी कोई घोषणा की जा सकती है.






















