दिल्ली से लौटने के बाद जब आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने चुनावी प्रक्रिया और नतीजों पर सवाल खड़े किए तो केंद्र में मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने उन पर करारा पलटवार किया। चिराग पासवान ने कहा कि जनादेश पर संदेह जताने वाली राजनीति ही आरजेडी की चुनावी कमजोरी का बड़ा कारण बन चुकी है। उन्होंने तेजस्वी यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आरजेडी ने लोकतंत्र को नीचा दिखाने का काम किया है, जबकि वास्तविकता यह है कि जनादेश का अपमान ही उनके लिए राजनीतिक मुसीबत बन गया है।
चिराग पासवान ने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद जब विपक्ष जीत जाता है तो ईवीएम सही रहती है, लेकिन हार की स्थिति में वही मशीन हेरफेर की वजह बन जाती है। उन्होंने कहा कि कभी ईवीएम तो कभी किसी सिस्टम को दोष देने वाली प्रवृत्ति ने विपक्ष को ही कमजोर किया है। चिराग ने दावा किया कि जब तक आरजेडी नेतृत्व अपने भीतर झांककर मंथन नहीं करेगा, तब तक जमीन उसके पैरों के नीचे से खिसकती ही जाएगी।
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उन्होंने तेजस्वी यादव के मौन को लेकर भी कहा कि आरजेडी के विधायकों और कार्यकर्ताओं में निराशा इसी बात की है कि उनका नेतृत्व संवाद नहीं करता, विधानसभा सत्रों में उपस्थित नहीं रहता और परिणाम आने के बाद भी पार्टी कार्यकर्ताओं से बात नहीं करता। जब उनके पास बोलने के लिए कुछ होगा तब तो वे बोलेंगे।
उधर तेजस्वी यादव ने दिल्ली से पटना वापस लौटने पर मीडिया से बात करते हुए चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। तेजस्वी ने कहा कि पिछले चुनाव में लोकतंत्र में ‘लोक’ हारा है और ‘तंत्र’ जीता है। उन्होंने मौजूदा सरकार पर धन तंत्र और मशीन तंत्र के सहारे सत्ता प्राप्त करने का आरोप लगाया और कहा कि पूरे चुनाव में छल और षड्यंत्र हुए हैं, जिसकी जानकारी सभी को है। तेजस्वी ने कहा कि नई सरकार के सौ दिन पूरे होने पर वे उसकी नीतियों को परखेंगे और तब देखेंगे कि महिलाओं के लिए क्या योजनाएं लागू होती हैं, युवाओं को रोजगार कब मिलता है और घोषणापत्र पर सरकार क्या करती है। उन्होंने कहा कि सौ दिनों तक वे चुप रहेंगे लेकिन उसके बाद सरकार से जवाब मांगा जाएगा।






















