बिहार में मौसम (Bihar Cold Day Alert) ने अचानक ऐसा करवट बदली है कि ठंड अब आम सर्दी नहीं, बल्कि लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करने वाली चुनौती बन गई है। बीते चार दिनों से प्रदेश भीषण ठंड की चपेट में है और हालात यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिन और भी कठिन हो सकते हैं। पछुआ हवाओं, घने कोहरे और सूरज की गैरमौजूदगी ने मिलकर बिहार को लगभग शीत लहर जैसी स्थिति में पहुंचा दिया है। मौसम विभाग ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में कोल्ड डे के साथ-साथ कोल्ड वेव की चेतावनी जारी की है, जिससे यह साफ हो गया है कि अब सिर्फ रातें ही नहीं, बल्कि दिन भी कंपकंपाने वाले होंगे।
राज्य में ठंड का असर इतना तीव्र है कि लोग दिन के समय भी घरों से निकलने में हिचकिचा रहे हैं। धूप की गैरहाजिरी ने हालात को और गंभीर बना दिया है। पिछले कई दिनों से सूरज के दर्शन नहीं हुए हैं और मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक भी राहत की उम्मीद कम है। दिन के समय तापमान सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है, जिससे कोल्ड डे की स्थिति बन रही है। इसका सीधा असर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर पड़ रहा है, जिन्हें विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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ठंड के साथ-साथ कोहरा भी एक बड़ी समस्या बनकर सामने आया है। सुबह और देर रात घना कोहरा छा जाने से दृश्यता बेहद कम हो रही है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वाहन चलाते समय धीमी गति रखें और फॉग लाइट का इस्तेमाल जरूर करें। अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह भी दी गई है, क्योंकि मौसम फिलहाल सामान्य होने के मूड में नहीं दिख रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण से लेकर पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, किशनगंज, भोजपुर, बक्सर, नालंदा, औरंगाबाद समेत कई जिलों में कोल्ड डे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा पूरे प्रदेश में कोहरे को लेकर अलर्ट प्रभावी है। विशेषज्ञों का कहना है कि पछुआ हवाओं की निरंतरता और नमी की अधिकता के कारण ठंड का असर और बढ़ सकता है। इस बार क्रिसमस पर भी बिहारवासियों को कड़ाके की सर्दी का सामना करना पड़ेगा और मौसम का मिजाज ऐसा है मानो बर्फ पड़ने से बस एक कदम दूर हो।






















