बिहार में सर्दी (Bihar Cold Wave) ने इस बार सामान्य से कहीं ज्यादा तीखा रूप ले लिया है। पछुआ हवाओं की तेज रफ्तार और हिमालयी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी का असर अब पूरे प्रदेश में साफ दिखाई देने लगा है। राजधानी पटना से लेकर उत्तर और पूर्वी बिहार के जिलों तक ठिठुरन भरी ठंड और घना कोहरा जनजीवन को प्रभावित कर रहा है। मौसम विभाग की चेतावनी ने साफ कर दिया है कि आने वाले चार से पांच दिन लोगों के लिए और भी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
रविवार को पटना समेत कई जिलों में सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। कुछ इलाकों में थोड़ी देर के लिए धूप ने राहत देने की कोशिश की, लेकिन बादलों की चादर ने उसे जल्दी ही ढक लिया। पूरे दिन ठंडी हवाएं चलती रहीं, जिनकी रफ्तार 11 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई। इन हवाओं ने तापमान को और नीचे धकेल दिया और दिन में भी कनकनी का अहसास बना रहा।

मौसम विभाग ने सोमवार को बिहार के 22 जिलों में कोल्ड-डे और घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में दिनभर धूप निकलने की संभावना बेहद कम बताई जा रही है, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति सिर्फ कुछ घंटों की नहीं, बल्कि नए साल तक जारी रह सकती है, जिससे ठंड का असर लंबे समय तक बना रहेगा।
उत्तर और पूर्वी बिहार इस शीतलहर से सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आ रहे हैं। पटना में अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के हिसाब से काफी कम है। मुजफ्फरपुर, वाल्मीकिनगर, समस्तीपुर, सीवान, सहरसा, सुपौल, दरभंगा और पूर्णिया जैसे जिलों में पूरे दिन कोल्ड-डे की स्थिति बनी रही। गयाजी में घने कोहरे ने हालात और गंभीर कर दिए, जहां दृश्यता घटकर मात्र 50 मीटर रह गई, जिससे सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हुआ।
पछुआ के प्रकोप से बिहार कांपा: 5.4 डिग्री पर गयाजी, 32 जिलों में कोल्ड डे अलर्ट से जनजीवन बेहाल
तापमान के आंकड़े भी सर्दी की गंभीरता को बयां कर रहे हैं। मुजफ्फरपुर रविवार को राज्य का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 13.2 डिग्री और न्यूनतम 12.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, राजगीर में न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में ठंड और भी कड़ाके की हो सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और हिमालय से लगातार आ रही सर्द हवाएं इस ठंड की मुख्य वजह हैं। जब तक यह सिस्टम कमजोर नहीं पड़ता, तब तक तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की उम्मीद कम है। ऐसे में प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें, बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें और ठंड से बचाव के सभी जरूरी उपाय अपनाएं।






















