बिहार में कड़ाके की ठंड (Bihar Cold Wave) ने जनजीवन को पूरी तरह जकड़ लिया है। साल के आखिरी दिन ठिठुरन और घने कोहरे ने हालात ऐसे बना दिए हैं कि सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। राजधानी पटना समेत कई जिलों में सर्द पछुआ हवाओं और लगातार गिरते तापमान ने ठंड के असर को और तीखा कर दिया है। सड़कों पर दृश्यता कम है, सुबह और रात के समय कोहरा जानलेवा साबित हो रहा है और लोग जरूरी कामों के अलावा घर से निकलने से बच रहे हैं।
इन्हीं हालात को देखते हुए पटना जिला प्रशासन ने एक बार फिर सख्त कदम उठाया है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने आदेश जारी कर 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक कक्षा आठवीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया है। इस आदेश के दायरे में प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र भी शामिल हैं। प्रशासन का मानना है कि छोटे बच्चे और बुजुर्ग ठंड के सबसे ज्यादा जोखिम वाले वर्ग हैं, ऐसे में एहतियात ही सबसे बड़ा बचाव है।

हालांकि पढ़ाई पूरी तरह ठप न हो, इसके लिए आठवीं से ऊपर की कक्षाओं के संचालन का समय बदला गया है। इन कक्षाओं की पढ़ाई अब सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक होगी। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि यह फैसला बच्चों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है और मौसम की स्थिति सामान्य होने तक ऐसे ही एहतियाती कदम उठाए जाते रहेंगे।
कड़ाके की ठंड ने बढ़ाई मुश्किलें.. बिहार में शीत दिवस और घने कोहरे से जनजीवन ठप, तीन दिन ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान ने भी चिंता बढ़ा दी है। विभाग के अनुसार, नववर्ष की शुरुआत भीषण ठंड और घने कोहरे के बीच होने की संभावना है। सर्द पछुआ हवाओं की रफ्तार के चलते ठिठुरन वाली ठंड से फिलहाल राहत के आसार नहीं हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इसी कारण राज्य के कई हिस्सों में शीत दिवस की स्थिति बनी रह सकती है, जहां दिन के तापमान में भी खास बढ़ोतरी नहीं होगी।
बुधवार को मौसम विभाग ने उत्तर बिहार और दक्षिण-पश्चिम बिहार के जिलों के लिए शीत दिवस और घने कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार एक जनवरी को उत्तर बिहार में शीत दिवस की स्थिति रह सकती है, जबकि पूरे राज्य में कोहरे का व्यापक असर देखने को मिल सकता है। अगले चार दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना कम है, यानी ठंड का यह दौर फिलहाल लंबा चलने वाला है।






















