बिहार में सर्दी (Bihar Cold Wave) अपने चरम पर पहुंच चुकी है और लगातार गिरते तापमान के बीच शीतलहर की स्थिति ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी कम रिकॉर्ड किया गया है, जिसके चलते जिला प्रशासन ने बच्चों की सेहत को देखते हुए स्कूलों की छुट्टियों में एक बार फिर विस्तार कर दिया है। मौसम विभाग के ताज़ा अनुमान बताते हैं कि अगले तीन दिनों में भी राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही है, बल्कि ठंड और अधिक बढ़ सकती है। इसी चेतावनी को ध्यान में रखते हुए बेगूसराय, आरा, सहरसा और मधेपुरा जिलों में स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद रखने का प्रशासनिक निर्णय लिया गया है।
बेगूसराय में लगातार गिरते तापमान और ठंडी हवा के कारण प्रशासन ने प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और कक्षा 8वीं तक की सभी कक्षाएं 13 जनवरी तक बंद करने के आदेश जारी किए हैं। जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने स्पष्ट किया कि कक्षा आठवीं से ऊपर की कक्षाएं सुबह 10 बजे से शाम 4:30 बजे तक विशेष सतर्कता के साथ संचालित होंगी ताकि सुबह और शाम की कड़ाके की ठंड से बच्चों को बचाया जा सके। बोर्ड एवं प्री-बोर्ड परीक्षाओं को इससे मुक्त रखा गया है।
आरा में भी स्थिति कुछ अलग नहीं है। जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया के आदेशानुसार 13 जनवरी तक कक्षा एक से आठ तक की सभी पाठ्य गतिविधियां निलंबित रहेंगी जबकि कक्षा नौ से ऊपर के छात्रों के लिए पढ़ाई सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक सीमित कर दी गई है। यहां भी बोर्ड परीक्षाओं से जुड़ी गतिविधियां पूर्व कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी।
सहरसा में ठंड का प्रकोप और ज्यादा गंभीर हो गया है। यहां जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कक्षा 10 तक के सभी सरकारी, निजी विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों को 14 जनवरी तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। कक्षा 11 और 12 के छात्रों के लिए स्कूल समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार मधेपुरा में भी प्रशासन ने 14 जनवरी तक स्कूल बंद रखने का फैसला लागू किया है।
दिलचस्प बात यह है कि चारों जिलों में आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के बावजूद दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक बच्चों को गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जाएगा ताकि पोषण कार्यक्रम प्रभावित न हो। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से सुबह व देर शाम घरों से बाहर न निकलें, ठंड से बचाव के उपाय अपनाएं और बुज़ुर्गों व बच्चों की विशेष देखभाल करें। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति की समीक्षा के बाद आगे और निर्देश जारी किए जा सकते हैं, यानी ठंड के रफ़्तार कम होने की प्रतीक्षा अभी बाकी है।






















