पटना के कांग्रेस भवन में आज हुई प्रेस वार्ता ने बिहार की राजनीति (Bihar Politics) में हलचल मचा दी है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता के गलियारों में “नौकरी के बदले जमीन” के बाद अब “मंत्री पद के बदले आवास” का खेल चल रहा है।
अखिलेश सिंह ने खुलासा किया कि जदयू के एक मंत्री ने अपने पद की खातिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को बोरिंग रोड स्थित करोड़ों रुपये का आलीशान आवास उपहार में दिया। यह वही इलाका है, जहां जमीन और आवास की कीमतें आसमान छूती हैं। सिंह ने कहा कि यह “घोटाले का नया मॉडल” है — जहां नौकरी नहीं, बल्कि मंत्री पद का सौदा संपत्ति के रूप में किया जा रहा है।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनता के सामने ईमानदारी की बात करते हैं, लेकिन उनके ही दल में लेन-देन की राजनीति चरम पर है।”
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लोकसभा चुनाव अभियान के दौरान अखिलेश प्रसाद सिंह ने यह भी सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री ने बिहार में अब तक यह स्पष्ट क्यों नहीं किया कि अगर एनडीए को बहुमत मिलता है तो मुख्यमंत्री कौन होगा। उन्होंने कहा कि “मोदी जी जाते-जाते यह ऐलान कर सकते थे कि नीतीश कुमार ही NDA का चेहरा होंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।”
उन्होंने नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई और सनसनीखेज दावा किया कि “नीतीश कुमार के साथ दो-तीन डॉक्टरों को तैनात किया गया है, ताकि नतीजों के बाद उन्हें मानसिक रूप से अस्वस्थ घोषित किया जा सके।” अखिलेश ने कहा कि उन्होंने पहले भी नीतीश कुमार के “स्वास्थ्य बुलेटिन” जारी करने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने आज तक कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की।
सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “मोदी जी बिहार के सृजन घोटाले के आरोपियों के सामने हाथ जोड़ते हैं, लेकिन जब छात्र रोजगार मांगते हैं, तो उनकी हड्डियां तुड़वा दी जाती हैं। यही उनका विकास मॉडल है।” कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि “बिहार में परिवर्तन की लहर चल रही है। यहां की मिट्टी न्याय और समानता की प्रतीक है। जनता अब अन्याय और दिखावटी राजनीति के खिलाफ उठ खड़ी हुई है।”






















