बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस संगठन अब रणनीति सुधार और जिम्मेदारियों की समीक्षा (Bihar Congress Review Meeting) में जुट गया है। इसी क्रम में कांग्रेस द्वारा दिल्ली में बुलाई गई महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में भाग लेने के लिए बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम आज पटना से दिल्ली रवाना हुए। रवाना होने से पहले पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कई राजनीतिक संकेतों के साथ चुनाव में मिली हार के कारणों पर खुलकर बात की।
राजेश राम ने कहा कि आलाकमान ने बड़ी और महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जिसमें हार के हर पहलू की समीक्षा की जाएगी। पार्टी के सभी उम्मीदवारों से विस्तृत रिपोर्ट और चुनावी डाटा लाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पता चल सके कि किस मोर्चे पर कमी रह गई। उन्होंने कहा कि यह समीक्षा इसलिए भी आवश्यक है क्योंकि चुनाव लड़ने की प्रक्रिया में हमें सिर्फ विपक्ष से नहीं, बल्कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से भी जूझना पड़ा। उनका आरोप था कि कई स्तरों पर गलत तरीके अपनाए गए और चुनाव में पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए।
राजेश राम ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने हर संभव प्रयास किया कि विपक्षी दल को कमजोर किया जाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी की रणनीति का असर चुनाव परिणामों में स्पष्ट दिख रहा है। बिहार में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है और यह उनके आंतरिक प्रबंधन और संगठन शक्ति का परिणाम है, लेकिन यह भी सच है कि विपक्ष को दबाने की कोशिश की गई।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा अब संविधान को खत्म करने की दिशा में बढ़ रही है और देश में लोगों की पसंद-नापसंद तय करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर विषय है कि अब सत्ताधारी पार्टी यह तय करना चाहती है कि नागरिक क्या खाए-पिए और कैसे जिए। ऐसी सोच लोकतंत्र के लिए खतरनाक है और आने वाले दिनों में कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए मजबूत लड़ाई लड़ेगी।






















