बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति के पारंपरिक दही-चूड़ा भोज (Bihar Dahi-Chura Politics) ने इस बार बेहद गर्म माहौल तैयार कर दिया है। सत्ता और विपक्ष के बीच चल रहे आरोप-प्रत्यारोप के बीच आज दही-चूड़ा भोज के मंच से ऐसा बयान सामने आया जिसने राजनीतिक हलकों में नई हलचल पैदा कर दी। बिहार सरकार के मंत्री संजय सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस के कई विधायक एनडीए संपर्क में हैं और जल्द ही सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल हो सकते हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार की विधानसभा में समीकरण लगातार बदलते दिखाई दे रहे हैं और दल-बदल की चर्चाओं ने रफ्तार पकड़ ली है।
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दही-चूड़ा भोज में मौजूद पत्रकारों ने जब संजय सिंह से तेजस्वी यादव से जुड़े राजनीतिक सवाल किए तो उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि अब 500 दिनों तक कुछ नहीं बोलेंगे क्योंकि बिहार में विकास की गति तेज है और सरकारी कामकाज प्राथमिकता पर है। संजय सिंह ने यह भी कहा कि उन्हें तेज प्रताप यादव की ओर से आयोजित दही-चूड़ा भोज में निमंत्रण नहीं मिला। इस बयान ने भोज के राजनीतिक मायनों को और गहरा कर दिया।
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दरअसल, डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा की ओर से आयोजित दही-चूड़ा भोज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित राज्य सरकार के कई मंत्रियों ने भाग लिया। यह आयोजन महज सांस्कृतिक नहीं बल्कि राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का मंच भी साबित हुआ। इसके विपरीत, कांग्रेस के दही-चूड़ा भोज में न तो पार्टी विधायकों की उपस्थिति रही और न ही महागठबंधन के सहयोगी दलों को न्योता दिया गया। इस घटनाक्रम ने कांग्रेस की आंतरिक स्थिति और विपक्षी एकजुटता पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।






















