Bihar election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच मोकामा सीट से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। जेडीयू के प्रत्याशी और विवादित पूर्व विधायक अनंत कुमार सिंह को पुलिस ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में गिरफ्तार कर लिया है। उनके साथ दो सहयोगियों मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम को भी हिरासत में लिया गया है। यह कार्रवाई बेदना गांव में गुरुवार देर रात की गई, जब पुलिस की विशेष टीम ने छापेमारी की।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी चुनाव आचार संहिता के गंभीर उल्लंघन और हत्या के आरोपों के तहत की गई है। पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा और जिला कलेक्टर त्यागराजन एस.एम. ने देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि की कि दुलारचंद यादव की मौत किसी गोली से नहीं, बल्कि वाहन से कुचले जाने के कारण हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई बाहरी और अंदरूनी चोटें पाई गई हैं।
गुरुवार को मोकामा में जनसुराज के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थकों और जेडीयू कार्यकर्ताओं के बीच जबरदस्त झड़प हुई थी। इसी दौरान जनसुराज समर्थक दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए भारी संख्या में जवान तैनात किए।
इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की चुनावी सियासत को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ एनडीए गठबंधन अपने उम्मीदवारों को लेकर रक्षात्मक मुद्रा में है, वहीं विपक्ष इसे कानून व्यवस्था की नाकामी के रूप में पेश कर रहा है।
जनसुराज उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी, जो मृतक दुलारचंद के भतीजे हैं, ने अनंत सिंह की गिरफ्तारी को न्याय की दिशा में पहला कदम बताया है। उन्होंने कहा कि जब एफआईआर दर्ज हुई थी, तभी कार्रवाई होनी चाहिए थी। वह खुलेआम 50 गाड़ियों के काफिले में घूम रहे थे, चुनाव प्रचार कर रहे थे। लेकिन देर आए, दुरुस्त आए। अब उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी होगी।
इस बीच, पुलिस ने यह भी बताया है कि सीआईडी की विशेष टीम जांच में जुटी है और कई अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। बिहार चुनाव आयोग ने इस मामले पर विशेष रिपोर्ट मांगी है।
अनंत सिंह का राजनीतिक करियर विवादों से घिरा रहा है – कभी बाहुबली छवि के कारण तो कभी उनके खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर। यह गिरफ्तारी न केवल उनकी चुनावी संभावनाओं पर सवाल खड़े करती है, बल्कि जदयू के लिए भी एक बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकती है।






















