बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2025) को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी मोर्चे पर सबसे सक्रिय दल के रूप में अपनी भूमिका मजबूत कर ली है। रविवार को भाजपा नेताओं की लगातार बैठकों और मुलाकातों ने साफ कर दिया कि एनडीए गठबंधन में भाजपा ही बड़े भाई की भूमिका निभाने जा रही है। चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और बिहार प्रभारी विनोद तावड़े ने पहले जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से भेंट की, उसके बाद हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) प्रमुख जीतन राम मांझी और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात कर राजनीतिक हलचल तेज कर दी। इसके साथ ही पार्टी नेताओं को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान के साथ बैठक तय करने का भी जिम्मा सौंपा गया है।
भाजपा न केवल सहयोगी दलों को साधने में जुटी है, बल्कि संगठनात्मक स्तर पर भी अपनी सक्रियता दिखा रही है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल और संगठन महामंत्री भीखू भाई दालसानिया को नमो ऐप की प्रदेश स्तरीय बैठक में शामिल देखा गया। वहीं, दोनों उपमुख्यमंत्रियों और प्रदेश अध्यक्ष ने मिलकर घोषणा पत्र पर जनता की राय जुटाने के लिए पत्र-पेटी रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे भाजपा का यह संदेश साफ है कि वह इस बार चुनावी रणनीति में जनता की भागीदारी को प्राथमिकता देने वाली है।
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इधर, एनडीए के भीतर सीट बंटवारे को लेकर खींचतान भी साफ दिख रही है। मांझी जहां 40 सीटों की मांग पर अड़े हैं ताकि उनकी पार्टी को मान्यता प्राप्त दल का दर्जा मिल सके, वहीं चिराग पासवान भी दलित बहुल सीटों पर अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश में हैं। इससे सबसे ज्यादा नुकसान मांझी को होता दिख रहा है। भाजपा इस खींचतान को संतुलित करने के लिए लगातार संवाद कर रही है। दूसरी ओर, उपेंद्र कुशवाहा को भाजपा सहज तरीके से साधने की रणनीति अपना रही है और इसलिए वे सीटों की जिद पर नहीं दिख रहे हैं।
सीट बंटवारे की गणित में जदयू की भूमिका भी अहम है। पिछली बार जदयू ने 115 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 43 पर जीत हासिल की थी। भाजपा ने 110 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 74 पर उसे जीत मिली थी। इस बार समीकरण कुछ अलग हैं। अब तक के संकेत बताते हैं कि भाजपा और जदयू 100-100 सीटों पर चुनाव लड़ सकते हैं, जबकि बची हुई 43 सीटों को मांझी, चिराग और कुशवाहा के बीच बांटने को लेकर खींचतान जारी है।






















