बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2025 Results) की मतगणना ने जैसे ही रफ्तार पकड़ी, राजनीतिक माहौल एकदम गर्म हो गया। शुरुआती रुझानों ने संकेत दे दिया कि मुकाबला किस दिशा में मुड़ने वाला है। NDA लगातार बढ़त बनाये हुए है और इस बढ़त ने बीजेपी और जेडीयू खेमे में सत्ता वापसी की उम्मीदों को नई ऊर्जा दे दी है। वहीं महागठबंधन के दावे इस समय कमजोर दिख रहे हैं।
मतगणना के बीच जेडीयू नेता नीरज कुमार का बयान खासा चर्चा में है। उन्होंने कहा कि बिहार में लोकतंत्र का नया सूर्योदय हो चुका है और आज दिखाई दे रहा ‘तेज’ विकास का तेज है, न कि वंशवाद या पारिवारिक राजनीति का। उनका दावा है कि राज्य की जनता एक बार फिर नीतीश कुमार और NDA के नेतृत्व पर भरोसा जता रही है। यह बयान दर्शाता है कि जेडीयू इस चुनाव को विकास बनाम वंशवाद की लड़ाई के रूप में प्रोजेक्ट कर रही है।
दीघा से बीजेपी उम्मीदवार संजीव चौरसिया ने भी रुझानों के बाद कहा कि जनता का विश्वास लगातार बढ़ता रहा है और अब यह विश्वास सकारात्मक परिणाम में बदलने वाला है। चौरसिया का धन्यवाद संदेश यह संकेत दे रहा है कि बीजेपी को अपने पारंपरिक वोट बैंक के साथ-साथ नए क्षेत्रों से भी समर्थन मिला है। दूसरी ओर, बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने विश्वास जताया है कि NDA न सिर्फ एग्जिट पोल से बेहतर प्रदर्शन करेगा बल्कि दो-तिहाई बहुमत से आगे निकल जाएगा।
चुनाव आयोग के शुरुआती रुझानों के अनुसार, भाजपा 20, RJD 6.. तेजस्वी पहुंचे RJD ऑफिस
उपमुख्यमंत्री और लखीसराय से बीजेपी उम्मीदवार विजय कुमार सिन्हा ने इसे जनता का आदेश बताते हुए कहा कि बिहार ने मोदी-नीतीश जोड़ी को नई दिशा देने का संदेश दिया है। उनके बयान का एक पहलू राजनीतिक वाक्य-बाण भी लिए हुए था, जिसमें उन्होंने विपक्ष के नेताओं पर ‘उन्माद का माहौल फैलाने’ का आरोप लगाया। यह संकेत देता है कि NDA इस चुनाव को स्थिरता बनाम अराजकता की कथा में बदलने का प्रयास कर रहा है।
इसी बीच जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने तेजस्वी यादव पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सत्ता जनता तय करती है, न कि कोई खुद को थोपकर बैठ जाता है। झा ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार की लोकप्रियता 20 साल बाद भी घटने के बजाय और बढ़ी है—यह बात नीतीश के नेतृत्व को NDA की राजनीतिक रणनीति का केंद्र बना देती है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल का रुझानों पर बयान बताता है कि पार्टी को पहले ही भरोसा था कि जनता NDA के साथ जाएगी। उन्होंने कहा कि दोनों चरणों के मतदान के दौरान ही यह स्पष्ट हो चुका था कि हवा किस तरफ बह रही है। जायसवाल का यह दावा चुनावी मैदान में गठबंधन की बढ़त को लेकर बीजेपी नेतृत्व के आत्मविश्वास को दर्शाता है।






















