बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2025) के पहले चरण के मतदान के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग ने सभी राजनीतिक दलों के आत्मविश्वास को नया आयाम दे दिया है। जहां विपक्ष इस बढ़े हुए वोट प्रतिशत को ‘जनता के बदलाव के मूड’ से जोड़ रहा है, वहीं जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने दावा किया है कि यह वोटिंग दर नीतीश कुमार की ऐतिहासिक वापसी का संकेत है।
संजय झा ने आंकड़ों के सहारे कहा कि बिहार के चुनावी इतिहास में जब भी वोट प्रतिशत बढ़ा है, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जीत सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि “पूरा बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में फिर से NDA की डबल इंजन सरकार बनाने को तैयार है। गांवों से लेकर शहरों तक जबरदस्त उत्साह है और जनता सुशासन, सुरक्षा और समृद्धि के लिए वोट दे रही है।”
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झा ने बताया कि पहले चरण के मतदान के बाद विभिन्न जिलों से आए फीडबैक बेहद उत्साहजनक हैं। खासकर महिला मतदाताओं ने बड़ी संख्या में मतदान किया, जिससे स्पष्ट संदेश गया है कि महिलाओं ने जाति और धर्म की सीमाओं को तोड़कर विकास और स्थिरता के लिए मतदान किया है।
वहीं दूसरी ओर, विपक्ष इस बढ़े हुए वोट प्रतिशत से असहज दिख रहा है। झा ने कहा कि जब पूरे बिहार में ऐतिहासिक मतदान हो रहा था, तब विपक्ष ‘धीमी वोटिंग’ का झूठा नैरेटिव फैलाने में जुटा था। लेकिन शाम तक जब वोट प्रतिशत का आंकड़ा सामने आया, तो उनकी पूरी रणनीति फेल हो गई। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि “विपक्ष के पास कोई ठोस एजेंडा नहीं है, इसलिए वे केवल भ्रम फैलाने में लगे हैं।”
चुनावी आंकड़ों पर नज़र डालें तो वर्ष 2000 में जब 62.57% मतदान हुआ था, तब सत्ता की वापसी हुई थी। जबकि 2005 में जब वोट प्रतिशत घटा, तब सरकार बदली। 2010, 2015 और 2020 में हर बार जब वोटिंग बढ़ी, जनता ने नीतीश कुमार पर भरोसा जताया। इस बार भी मतदान प्रतिशत रिकॉर्ड स्तर पर है, जिससे NDA में उत्साह चरम पर है।
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सिर्फ बिहार ही नहीं, देश के स्तर पर भी यही ट्रेंड दिखता है। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में जब वोट प्रतिशत बढ़ा, NDA को भारी बहुमत मिला। लेकिन 2024 में वोट प्रतिशत कम हुआ, तो सीटों में गिरावट आई। यही कारण है कि जदयू और भाजपा दोनों इसे जनता के विश्वास का संकेत मान रही हैं।
अब नज़रें 11 नवंबर को होने वाले दूसरे चरण के मतदान पर हैं, जहां से भी NDA के पक्ष में सकारात्मक माहौल की खबरें मिल रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह ट्रेंड जारी रहा, तो बिहार में एक बार फिर नीतीश कुमार के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार बनना तय है।
संजय झा ने आत्मविश्वास भरे स्वर में कहा कि “विपक्ष जितना झूठ फैलाएगा, जनता उतनी ही मजबूती से NDA के पक्ष में वोट करेगी। इस बार का जनादेश बिहार के विकास मॉडल की पुन: पुष्टि करेगा।”






















