बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2025) के पहले चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान जारी है, लेकिन इसी बीच सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। कांग्रेस के दो बड़े चेहरे—राहुल गांधी और प्रियंका गांधी—ने अलग-अलग जनसभाओं में बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों नेताओं ने ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को चुनावी बहस के केंद्र में ला दिया है।

पूर्णिया में आयोजित सभा में राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी अब चुनाव नहीं जीतती, बल्कि “वोट चोरी” कर सत्ता में आती है। उन्होंने हरियाणा के हालिया चुनावों का हवाला देते हुए दावा किया कि “हमने दुनिया को दिखाया कि बीजेपी और चुनाव आयोग ने हरियाणा का चुनाव चुराया है। मेरे पास ऐसे सबूत हैं जिनका जवाब न मोदी दे पा रहे हैं, न चुनाव आयोग।” राहुल ने आगे कहा कि “मुझे लगता है बिहार का पिछला चुनाव भी चोरी किया गया था। इस बार बीजेपी बिहार में भी ‘वोट चोरी’ करने की कोशिश कर रही है, लेकिन हम ऐसा होने नहीं देंगे।”
राहुल गांधी ने हरियाणा में कथित चुनावी गड़बड़ियों के कई उदाहरण भी दिए। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में एक ही महिला का चेहरा 200 बार पाया गया, उत्तर प्रदेश से बीजेपी कार्यकर्ता हरियाणा में जाकर फर्जी वोट डालते हैं और ब्राजील की एक महिला के नाम पर 22 वोट डाले गए। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि “जब इस तरह से वोट चोरी होगी तो लोकतंत्र का क्या बचेगा?”
वहीं पूर्वी चंपारण के गोविन्दगंज में रैली के दौरान प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि “नरेंद्र मोदी चुनाव चोरी कर रहे हैं, वोट काट रहे हैं। बीजेपी-JDU पैसे देकर वोट खरीदना चाहते हैं।” उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि “अगर वो पैसा दे रहे हैं तो ले लो, लेकिन वोट अपने भविष्य के लिए दो, क्योंकि 20 साल में इन लोगों ने कुछ नहीं किया।”

प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि “BJP के नेताओं को जनता की नहीं, सिर्फ सत्ता की भूख है। वे गरीबों के घर जाते हैं तो अपनी थाली और खाना साथ ले जाते हैं। यह उनकी सोच और अहंकार को दिखाता है।”
उन्होंने हरियाणा में कथित फर्जी वोटिंग का जिक्र करते हुए कहा कि “वहां 25 लाख फर्जी वोट मिले हैं, और यही पैटर्न अब बिहार में अपनाया जा रहा है। ऐसी वोट चोरी जनता के अधिकारों पर डाका है और संविधान को कमजोर करती है।”
प्रियंका ने भावनात्मक अंदाज में कहा कि “बिहार के लोग पूरे देश के निर्माण में योगदान दे रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार उनकी सुध नहीं लेती। युवाओं को नौकरी नहीं, पेपर लीक मिल रहा है। किसानों और मजदूरों को राहत नहीं, सिर्फ वादे मिल रहे हैं।”






















