Bihar Election 2025: बिहार की राजनीति में एक बार फिर से हलचल तेज हो गई है। दो चरणों में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद अब माहौल पूरी तरह गर्म है। एग्जिट पोल में जहां एनडीए को बढ़त दिखाई जा रही है, वहीं महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव ने इन सर्वेक्षणों को “मीडिया प्रॉपगेंडा और मनोवैज्ञानिक दबाव का हथियार” बताया है। उन्होंने दावा किया है कि इस बार बिहार की जनता ने ऐतिहासिक रूप से बदलाव के लिए वोट किया है, और 18 नवंबर को नई सरकार की शपथ तय है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्हें इस चुनाव में जो फीडबैक मिला है, वह बेहद सकारात्मक है—“1995 के चुनाव से भी बेहतर प्रतिक्रिया इस बार मिली है। जनता नीतीश कुमार की सरकार से ऊब चुकी है और इस बार बिहार में क्लीन स्वीप महागठबंधन का होगा।” उन्होंने कहा कि ये वोट “किसी को बचाने के लिए नहीं बल्कि बदलाव लाने के लिए पड़े हैं।”
तेजस्वी ने प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए एग्जिट पोल लाए जाने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, “मतगणना में लगे अधिकारियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए ये सर्वे जारी किए गए हैं। बीजेपी और एनडीए बौखलाहट में हैं। जब लोग कतारों में वोट डाल रहे थे, तभी एग्जिट पोल दिखाए जाने लगे—ये लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ है।”
उन्होंने आगे कहा कि “बिहार में इस बार कलम वाली सरकार बनेगी, नौकरी वाली सरकार आएगी। हम सब सतर्क हैं और किसी भी तरह की गड़बड़ी के लिए तैयार हैं। अगर बेईमानी हुई तो जनता जवाब देगी।” तेजस्वी ने प्रशासनिक स्तर पर मतगणना की प्रक्रिया को धीमा करने की साजिश का भी आरोप लगाया, और कहा कि “यहां तक कि सेना से फ्लैग मार्च करवाकर लोगों में दहशत फैलाने की कोशिश की जा रही है।”
तेजस्वी यादव ने यह भी बताया कि इस बार मतदान में 72 लाख अधिक वोट पड़े हैं, जो जनता के मूड का संकेत है। “हर विधानसभा में वोटिंग बढ़ी है और यह वोट बदलाव के लिए पड़ा है। 14 तारीख को नतीजे आएंगे और 18 को नई सरकार शपथ लेगी—यह तय है।”






















