Bihar election result reaction: बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद अब राजनीतिक तंज और जवाबी हमलों ने रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व विधायक प्रेम रंजन पटेल ने आरजेडी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव प्रचार में भीड़ जुटाने के लिए जिन कलाकारों और गायकों का इस्तेमाल किया गया, अब हार के बाद उन्हीं पर दोष मढ़ना RJD की परंपरागत राजनीतिक शैली बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कलाकारों का नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता की समझ का भी अपमान है।
प्रेमरंजन पटेल ने आरोप लगाया कि आरजेडी ने चुनाव प्रचार के दौरान कृत्रिम लोकप्रियता का माहौल तैयार करने की कोशिश की। भय, भ्रम और भावनाओं के सहारे वोट जुटाने की रणनीति जनता समझ चुकी थी। उन्होंने कहा कि जब वोटर नतीजों के जरिए स्पष्ट संदेश दे चुका है, तब राजद नेतृत्व की जवाबदेही स्वीकारने की बजाय कलाकारों को जिम्मेदार ठहराना दुर्भाग्यपूर्ण और अपरिपक्व राजनीतिक व्यवहार है।
उन्होंने दावा किया कि कलाकारों को बुलाया गया, मंच सजाया गया, भीड़ की व्यवस्था की गई, लेकिन चुनावी संदेश में विज़न, काम और भरोसे की जगह तमाशा और नाटक को प्राथमिकता दी गई। अब जब हार सामने है, तो कलाकारों से मेहनताना तक न देने और लीगल नोटिस भेजने जैसी खबरें सामने आ रही हैं, जो दर्शाता है कि पार्टी की नैतिकता और कार्यशैली दोनों ही सवालों के घेरे में है।
प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि जनता अब नारे, गीत और मनोरंजन से आगे बढ़ चुकी है और अब केवल विकास, सुरक्षा और जवाबदेही की राजनीति को स्वीकार कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कलाकारों का उपयोग सिर्फ भीड़ जुटाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि सम्मान और गरिमा के साथ किया जाना चाहिए।
उन्होंने तीखा वाक्य जोड़ते हुए कहा कि यह हार राजनीतिक कम और नैतिक अधिक है। जनता ने साफ कर दिया है कि लोकतांत्रिक भरोसा मंच और माइक्रोफोन से नहीं, बल्कि सच्चे काम और जिम्मेदार नेतृत्व से जीता जाता है।






















