Bihar Election 2025: एक तरफ आरजेडी नेता तेजस्वी यादव लगातार एनडीए सरकार पर हमले बोल रहे हैं, वहीं सत्तारूढ़ दल के नेता तेजस्वी को ‘जंगलराज का युवराज’ बताते हुए जनता के सामने उनकी साख पर सवाल खड़े कर रहे हैं। जेडीयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री अशोक चौधरी ने तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि, “रीतलाल यादव कौन हैं? उनके प्रचार में तेजस्वी खुद क्यों घूम रहे हैं? क्या वे शंकराचार्य हैं जो हर जगह दर्शन देने निकलते हैं? सिवान में एक अपराधी की हत्या हुई और ये हेलीकॉप्टर से देखने पहुंच गए — आखिर क्या संदेश देना चाह रहे थे?” चौधरी ने तेजस्वी के आरोपों पर पलटवार करते हुए यह भी कहा कि चुनाव आयोग सुरक्षा बलों की तैनाती का निर्णय खुद करता है, और इसका किसी राज्य सरकार या पार्टी से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि जब विपक्ष कर्नाटक या हिमाचल में जीतता है तो चुनाव आयोग ‘निष्पक्ष’ लगता है, लेकिन जब हार की आहट होती है तो आयोग पर सवाल उठने लगते हैं।
वहीं उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने तेजस्वी यादव पर राजनीतिक और सामाजिक ध्रुवीकरण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “ये जंगलराज के युवराज हैं। माता-पिता की पहचान पर अनुकंपा राजनीति कर रहे हैं। ये जातीय ध्रुवीकरण और भ्रम फैलाने की राजनीति कर रहे हैं। जनता पहले चरण में ही इन्हें नकार चुकी है, 14 नवंबर को परिणाम बता देंगे कि बिहार की जनता ने इन्हें साफ कर दिया है।” सिन्हा ने दावा किया कि तेजस्वी यादव की ‘सरकार बनाने’ की बात महज हताशा में कही जा रही है, क्योंकि उन्हें जनता का मूड समझ आ चुका है।
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इधर, राष्ट्रीय लोक जनशक्ति मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने भी एनडीए के पक्ष में माहौल का दावा करते हुए कहा कि, “क्यों पड़े हो चक्कर में, कोई नहीं है टक्कर में” का नारा इस बार पूरी तरह एनडीए पर लागू होता है। उन्होंने कहा कि जहां भी वे प्रचार के लिए गए, जनता का जोश और समर्थन स्पष्ट रूप से एनडीए के पक्ष में दिखा। कुशवाहा ने कहा कि पहले चरण में जनता ने एनडीए को पूरा समर्थन दिया है और दूसरे चरण में भी वही रुझान रहेगा।
वहीं, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने विपक्ष पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाने की कोशिश को ‘बहानेबाज़ी की शुरुआत’ बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को जनता का मूड समझ आ गया है और अब वे हार की भूमिका तैयार कर रहे हैं। “जब कर्नाटक या तेलंगाना में वो जीतते हैं तो चुनाव निष्पक्ष होता है, लेकिन जब हरियाणा या महाराष्ट्र में हार होती है तो वोट चोरी का आरोप लगाते हैं,” ललन सिंह ने कहा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पहले चरण में विपक्ष कहीं नजर नहीं आया, और जनता ने एनडीए के काम पर भरोसा जताया है।
ललन सिंह ने आरजेडी शासनकाल की याद दिलाते हुए कहा कि “तेजस्वी यादव के माता-पिता ने 15 साल में बिहार को अंधकार में डुबो दिया था। तब न सड़कें थीं, न बिजली, और न ही सुरक्षा। शाम के बाद लोग घर से निकलने से डरते थे। अब वही लोग विकास की बात करते हैं, यह विडंबना है।”






















