तकनीकी शिक्षा में बेटियों की मजबूत मौजूदगी अब केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बिहार इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी (BEU BTech Result) की ताजा टॉपर सूची ने इस बदलाव को साफ तौर पर रेखांकित कर दिया है। सत्र 2021–25 के बीटेक परिणामों में राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों से उभरकर आई प्रतिभाओं ने यह साबित कर दिया कि इंजीनियरिंग अब पूरी तरह जेंडर न्यूट्रल क्षेत्र बन चुका है, जहां मेहनत और प्रतिभा ही सफलता का पैमाना है।
बीईयू द्वारा जारी टॉपर लिस्ट पर नजर डालें तो बीटेक की छह प्रमुख शाखाओं में छात्राओं ने स्टेट टॉपर बनकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। केवल सिविल इंजीनियरिंग एकमात्र ऐसी ब्रांच रही, जहां टॉप स्थान छात्र के खाते में गया, जबकि मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी जैसी हाई-डिमांड ब्रांचों में बेटियों का दबदबा देखने को मिला। यह ट्रेंड न सिर्फ बिहार बल्कि देशभर में तकनीकी शिक्षा में हो रहे सामाजिक बदलाव की ओर भी इशारा करता है।
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यूनिवर्सिटी टॉपर का सम्मान सीतामढ़ी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के छात्र विवेक कुमार को मिला है। सिविल इंजीनियरिंग में 9.34 सीजीपीए हासिल कर उन्होंने पूरे बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। विवेक ने न केवल यूनिवर्सिटी टॉपर बनने का गौरव हासिल किया, बल्कि सिविल इंजीनियरिंग ब्रांच में भी टॉप कर यह साबित किया कि निरंतर परिश्रम और अकादमिक अनुशासन सफलता की सबसे मजबूत नींव है।
बीईयू ने सत्र 2021–25 के लिए कुल 22 मेधावियों की सूची जारी की है, जिसमें यूनिवर्सिटी टॉपर के साथ-साथ विभिन्न ब्रांचों में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं शामिल हैं। यह सूची बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों में शिक्षा के स्तर और प्रतिस्पर्धा दोनों को दर्शाती है, जहां हर साल छात्रों का प्रदर्शन पहले से बेहतर होता जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण की दृष्टि से यह परिणाम और भी खास है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ज्योति कुमारी, इलेक्ट्रिकल में खुशबू कुमारी, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में निक्की कुमारी, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में सृष्टि सिन्हा, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स में कविता कुमारी और आईटी ब्रांच में शिवानी ने स्टेट टॉपर बनकर यह संदेश दिया कि तकनीकी क्षेत्रों में बेटियां किसी भी स्तर पर पीछे नहीं हैं। यह उपलब्धि उन तमाम छात्राओं के लिए प्रेरणा है, जो इंजीनियरिंग को लेकर अभी भी दुविधा में रहती हैं।
आईटी ब्रांच में मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन भी खासा चर्चा में रहा। इस ब्रांच में एमआईटी मुजफ्फरपुर के विद्यार्थियों ने राज्य स्तर पर टॉप-थ्री स्थान पर कब्जा जमाया। शिवानी ने गोल्ड मेडल जीता, जबकि मो. इमरान को सिल्वर और अमिय कुमार को ब्रॉन्ज मेडल मिला। यह उपलब्धि संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता और आईटी शिक्षा में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है।
बिहार इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, यदि किसी अभ्यर्थी को मेधा सूची पर आपत्ति है तो वह 7 जनवरी तक आवश्यक दस्तावेजों के साथ परीक्षा नियंत्रक के समक्ष अपना दावा प्रस्तुत कर सकता है। निर्धारित तिथि के बाद किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। ऐसे में छात्र-छात्राओं को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपनी स्थिति की जांच कर लें।
















