बिहार में किसानों से जुड़ी डिजिटल पहलों को गति देते हुए राज्य सरकार ने फार्मर रजिस्ट्री अभियान (Bihar Farmer Registry) के तहत बड़ी उपलब्धि हासिल करने का दावा किया है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार सुबह जानकारी देते हुए कहा कि मिशन मोड–3 के तहत निर्धारित समय-सीमा से पहले ही 50 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है, जो प्रशासनिक समन्वय और किसानों की सक्रिय भागीदारी का परिणाम माना जा रहा है।
सरकार के अनुसार यह उपलब्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है बल्कि कृषि योजनाओं की पारदर्शिता और लाभार्थियों की सटीक पहचान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक राज्य में कुल 85,53,570 पीएम किसान लाभार्थियों के मुकाबले 43,04,548 किसानों का फार्मर रजिस्ट्री नामांकन पूरा हो चुका है, जिससे 50.3 प्रतिशत की उपलब्धि दर्ज हुई है। इसे डिजिटल एग्रीकल्चर इकोसिस्टम की दिशा में अहम प्रगति के रूप में देखा जा रहा है।
इस लक्ष्य को समय से पहले हासिल करने के साथ ही केंद्र सरकार से 450 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त इंसेंटिव के रूप में मिलने की संभावना जताई गई है। सरकार का मानना है कि यह राशि किसानों के लिए चल रही योजनाओं के विस्तार, डिजिटल सत्यापन और लाभ वितरण प्रक्रिया को तेज करने में मददगार साबित होगी। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि फार्मर रजिस्ट्री से भविष्य में सब्सिडी, बीमा और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी योजनाओं की मॉनिटरिंग आसान हो जाएगी, जिससे फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी।
राज्यभर में अभियान को गति देने के लिए जिला प्रशासन, राजस्व कर्मियों, अंचल अधिकारियों और कृषि विभाग के कर्मचारियों की संयुक्त भागीदारी के साथ विशेष शिविर लगाए गए। इन शिविरों में ऑन-स्पॉट पंजीकरण की सुविधा ने ग्रामीण इलाकों में प्रक्रिया को तेज किया और किसानों की भागीदारी बढ़ाई। प्रशासनिक स्तर पर यह रणनीति प्रभावी साबित होती दिख रही है, क्योंकि कई जिलों ने लक्ष्य से आगे निकलकर प्रदर्शन किया है।
जिला प्रदर्शन की बात करें तो वैशाली ने 102 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा शिवहर, बेगूसराय, कटिहार और बक्सर जैसे जिलों ने भी लक्ष्य के करीब या उससे अधिक प्रगति दर्ज कर प्रशासनिक मॉडल प्रस्तुत किया है। अधिकारियों का मानना है कि इन जिलों के अनुभवों को अन्य क्षेत्रों में लागू कर शेष लक्ष्य जल्द हासिल किया जा सकता है।
पीएम किसान योजना से लिंक्ड फार्मर रजिस्ट्री के तहत भी अब तक 22,51,639 किसानों का नामांकन हो चुका है, जो कुल लक्ष्य का 26.32 प्रतिशत है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अब अभियान का फोकस उन किसानों पर रहेगा जिनका अभी तक पंजीकरण नहीं हो पाया है, ताकि राज्य जल्द ही शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर सके।





















