बिहार में अवैध खनन (Bihar Illegal Mining) और विभागीय लापरवाही के खिलाफ राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक बड़ा प्रशासनिक संदेश दिया है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दरभंगा के खान निरीक्षक को गंभीर अनियमितताओं के आरोप में निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई केवल एक अधिकारी तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे खनन तंत्र में फैली लापरवाही और संभावित मिलीभगत पर सीधी चोट के तौर पर देखा जा रहा है।
पिछले कुछ समय से राजस्व और भूमि सुधार विभाग में अनुशासनहीनता को लेकर विजय सिन्हा लगातार सख्त फैसले ले रहे हैं। राजस्व कर्मियों के बाद अब खान निरीक्षकों पर कार्रवाई इस बात का संकेत है कि सरकार अवैध खनन को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई के मूड में नहीं है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, दरभंगा के खान निरीक्षक पर खनन से जुड़े कार्यों में नियमों की अनदेखी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में गंभीर चूक के आरोप सामने आए थे, जिसके बाद निलंबन का फैसला लिया गया।
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इस कार्रवाई के साथ ही डिप्टी सीएम ने दरभंगा के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अवैध खनन में संलिप्त सभी लोगों पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने साफ कहा है कि चाहे वह अधिकारी हो या कोई अन्य प्रभावशाली व्यक्ति, अगर किसी भी स्तर पर संरक्षण या मिलीभगत पाई जाती है तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह बयान राज्य में खनन माफिया के खिलाफ चल रही मुहिम को और धार देता है।
सरकार का कहना है कि इस सख्त रुख का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई नहीं है, बल्कि व्यवस्था को पारदर्शी और न्यायपूर्ण बनाना भी है। वास्तविक अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी निर्दोष को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। इसी सोच के तहत 16 जनवरी को खनन लाइसेंस और उससे जुड़े नियमों को लेकर एक विशेष जागरूकता शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
जागरूकता शिविर के माध्यम से आम नागरिकों, व्यवसायियों और खनन से जुड़े हितधारकों को वैध खनन, परिवहन और भंडारण के नियमों की जानकारी दी जाएगी। सरकार मानती है कि नियमों की स्पष्ट जानकारी होने से अवैध गतिविधियों पर स्वतः अंकुश लगेगा। इसके साथ ही, किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की सूचना देने के लिए खान एवं भू-तत्व विभाग ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, ताकि लोग बिना भय के शिकायत दर्ज करा सकें।
विजय सिन्हा की सक्रियता केवल खनन तक सीमित नहीं है। वे जमीन से जुड़े मामलों के समाधान के लिए लगातार जिलों में जनसुनवाई और संवाद कार्यक्रम कर रहे हैं। इसी कड़ी में 5 जनवरी को वे भागलपुर जिले में संवाद कार्यक्रम में शामिल होंगे, जहां आम लोगों की भूमि संबंधी समस्याएं सुनी जाएंगी। इससे पहले भी कई जिलों में इस तरह के कार्यक्रमों के दौरान उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश दिए हैं और लापरवाह कर्मियों को रडार पर लिया है।





















