बिहार विधानसभा में राज्य में चल रहे अवैध स्लॉटर हाउस (Bihar Illegal Slaughter House) को बंद कराने को लेकर सदन में तीखी बहस हुई, जिसके बाद स्पीकर की ओर से जांच कर सभी अवैध इकाइयों को बंद कराने का स्पष्ट निर्देश दिया गया। इस घटनाक्रम ने न सिर्फ राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ाई है, बल्कि सामाजिक और धार्मिक विमर्श को भी नई दिशा दी है।
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान पूर्णिया से विधायक विजय खेमका ने गौ संरक्षण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। इस पर डेयरी और मत्स्य मंत्री सुरेंद्र मेहता ने जानकारी दी कि राज्य में 86 गौशालाएं संचालित हो रही हैं और उनमें पशुओं की देखभाल की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि विपक्ष और सत्तापक्ष के कुछ विधायकों ने केवल आंकड़ों से संतुष्ट न होकर सरकार की ठोस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।
बीजेपी के बिहपुर विधायक कुमार शैलेंद्र ने सदन में कहा कि गौशालाओं की संख्या बताना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह बताना जरूरी है कि अवैध रूप से चल रहे स्लॉटर हाउस के खिलाफ सरकार क्या कदम उठा रही है। उन्होंने धार्मिक आस्था का हवाला देते हुए कहा कि गाय हिंदू समाज में पूजनीय है और सड़कों पर अवैध रूप से पशुओं की हत्या गंभीर चिंता का विषय है। इस बयान के बाद सदन में माहौल गर्म हो गया और कई विधायकों ने समयसीमा तय करने की मांग शुरू कर दी।
मामला बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने हस्तक्षेप किया और मंत्री को निर्देश दिया कि राज्य में जहां-जहां अवैध स्लॉटर हाउस संचालित हो रहे हैं, उनकी जांच कराकर उन्हें बंद कराया जाए। यह निर्देश प्रशासनिक मशीनरी के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि सरकार इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाने के मूड में है।






















