Bihar Investment Opportunities: बिहार में निवेश के माहौल को नई ऊंचाई देने की दिशा में सरकार ने एक और ठोस कदम बढ़ाया है। उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक ने यह संकेत दे दिया है कि राज्य अब केवल संभावनाओं की नहीं, बल्कि ठोस औद्योगिक क्रियान्वयन की ओर बढ़ चुका है। विभागीय कार्यालय कक्ष में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में उद्योग निदेशक श्री मुकुल कुमार गुप्ता और निवेश प्रोत्साहन (आईपी) टीम ने बिहार की औद्योगिक तस्वीर को नए सिरे से प्रस्तुत किया।
बैठक के दौरान दी गई विस्तृत प्रस्तुति में यह स्पष्ट किया गया कि बिहार में निवेश के अवसर केवल सीमित क्षेत्रों तक नहीं हैं, बल्कि कृषि आधारित उद्योगों से लेकर अत्याधुनिक तकनीक आधारित सेक्टर तक फैले हुए हैं। सरकार की प्राथमिकता अब केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेशकों को दीर्घकालिक स्थिरता, नीतिगत स्पष्टता और व्यावसायिक सहूलियत प्रदान करने पर केंद्रित है। प्रस्तुति में यह भी सामने आया कि राज्य में भूमि बैंक, मजबूत आधारभूत संरचना, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और वित्तीय प्रोत्साहन जैसी सुविधाएं निवेशकों के लिए बड़ा आकर्षण बन रही हैं।

उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिहार सरकार की औद्योगिक नीति का केंद्र बिंदु रोजगार सृजन है। युवाओं को अपने ही राज्य में अवसर उपलब्ध कराना और पलायन पर प्रभावी अंकुश लगाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्टार्टअप्स, एमएसएमई और बड़े औद्योगिक समूहों के लिए समान रूप से अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है, ताकि बिहार को निवेश के मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया जा सके।
बैठक में कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, हरित ऊर्जा और आधुनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों को निवेश के नए इंजन के रूप में चिन्हित किया गया। इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से न केवल औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। सरकार का मानना है कि इन सेक्टरों में लक्षित रणनीति के साथ आगे बढ़ने से बिहार की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।






















