बिहार की राजनीति (Bihar Politics) में मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी अटकलों के बीच केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि राज्य में नेतृत्व को लेकर किसी भी तरह की ‘वैकेंसी’ नहीं है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए ललन सिंह ने कहा कि बिहार की जनता ने न सिर्फ नीतीश सरकार पर भरोसा जताया है बल्कि विकासवादी राजनीति को ऐतिहासिक बहुमत देकर यह संदेश भी दिया है कि वे स्थिर और काम करने वाली सरकार चाहती हैं।
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उन्होंने कहा कि बिहार में जो परिवर्तन पिछले वर्षों में दिखा है, वही जनता के विश्वास की वजह बना है। सड़क, बिजली, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में जिस रफ्तार से काम हुआ है, उसी का परिणाम है कि जनता ने फिर से भारी बहुमत देकर विकास को चुना। ललन सिंह ने दावा किया कि आने वाले समय में बिहार में और तेज गति से विकास कार्य होंगे और सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए निरंतर काम करती रहेगी।
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महागठबंधन की करारी हार पर प्रतिक्रिया देते हुए ललन सिंह ने कहा कि यह परिणाम पहले से तय था क्योंकि विपक्ष के पास न नेतृत्व है, न दिशा। उन्होंने कहा कि जो दल खुद को देश और राज्य चलाने का दावा करते हैं, उनके पास न तो शासन की समझ है और न ही विश्वसनीयता। ऐसे हालात में जनता उनसे उम्मीद क्यों रखेगी, यह सवाल अपने आप जवाब देता है। ललन सिंह के अनुसार, जनता ने उन पर भरोसा दिखाया है जो काम करते हैं, न कि उन पर जो सिर्फ दावे करते हैं।






















