Bihar Matric Exam News: बिहार में मैट्रिक परीक्षा के पहले ही दिन एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। राजधानी Patna के मसौढ़ी थाना क्षेत्र से जुड़ा यह मामला केवल एक छात्रा की मौत नहीं, बल्कि परीक्षा के दबाव और मानसिक तनाव की भयावह तस्वीर पेश करता है। 22 वर्षीय कोमल कुमारी परीक्षा केंद्र पर कुछ मिनट की देरी से पहुंची थी। नियमों के तहत उसे अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। इसी सदमे में उसने बाद में रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी।
मंगलवार को दोपहर के समय पटना-गया रेलखंड पर महाराजचक गांव के पास रेलवे ट्रैक के किनारे एक युवती का शव मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए PMCH भेज दिया। शुरुआत में शव की पहचान नहीं हो सकी थी। इसी दौरान जब कोमल घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों को देखकर परिजनों ने शव की पहचान कोमल कुमारी के रूप में की।
परिजनों के अनुसार कोमल धनरूआ के बरनी स्थित परीक्षा केंद्र पर मैट्रिक की परीक्षा देने गई थी। केंद्र पर पहुंचने में थोड़ी देर हो गई, जिस कारण गेट बंद हो चुका था और उसे अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। घर लौटने के बाद वह बेहद तनाव में थी। उसने कपड़े बदले और बिना किसी को कुछ बताए घर से निकल गई। कुछ ही देर बाद यह दुखद खबर आई कि उसने महाराजचक के पास आत्महत्या कर ली।
मसौढ़ी थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्रा परीक्षा छूटने से मानसिक रूप से टूट गई थी। उसकी मां का कहना है कि बेटी पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर थी और परीक्षा न दे पाने का सदमा वह सहन नहीं कर सकी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
इस घटना ने बिहार में चल रही मैट्रिक परीक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वर्ष करीब 15 लाख से अधिक छात्र परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। तय समय के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। कई केंद्रों पर जूता-मोजा पहनकर आने पर भी रोक है। राजधानी पटना में ही 70 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं और कुछ को मॉडल सेंटर के रूप में विकसित किया गया है, जहां महिला कर्मियों की तैनाती और हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है।
















