Bihar Election 2025: 243 सीटों वाले राज्य में एनडीए ने 202 सीटों पर शानदार जीत हासिल करते हुए सत्ता में दमदार वापसी की है। हालांकि, चुनावी तस्वीर साफ होने के बाद भी राजनीतिक सरगर्मियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। जेडीयू ने एक ऐसा दावा किया है जिसने विपक्षी खेमे में उथल-पुथल पैदा कर दी है।
गुरुवार, 11 दिसंबर को जेडीयू के एमएलसी और प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि महागठबंधन के 17 से 18 विजयी विधायक उनसे संपर्क में हैं। नीरज कुमार के अनुसार इन विधायकों ने खुद पहल करते हुए बातचीत की है और उन्हें धैर्य रखने की सलाह दी गई है। यह दावा ऐसे समय में आया है जब एनडीए बिहार में बहुमत से कहीं अधिक सीटें जीत चुका है, लेकिन विपक्षी खेमे में अंदरूनी सियासत और असंतोष की चर्चाएं लगातार तैर रही हैं।
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जेडीयू के इस बयान ने महागठबंधन को रक्षात्मक मोड में ला दिया है। आरजेडी के प्रवक्ता एजाज अहमद ने नीरज कुमार के दावे को ‘निराधार, मनगढ़ंत और राजनीतिक पब्लिसिटी स्टंट’ बताया। उन्होंने कहा कि जेडीयू और बीजेपी आपसी खींचतान में उलझे हुए हैं और इस तरह के दावे करके वे अपने ‘आपसी सत्ता संघर्ष’ को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं। RJD का साफ कहना है कि महागठबंधन के सभी विधायक लोगों के मुद्दों नफरत, पलायन और रोजगार पर चुनाव जीतकर आए हैं और किसी भी प्रकार की टूट की संभावना नहीं है।
कांग्रेस ने भी जेडीयू के इस बयान को खारिज कर दिया। कांग्रेस प्रवक्ता आशीष नाथ तिवारी ने कहा कि नीरज कुमार बयानवीर के नाम से जाने जाते हैं और उनकी बातों में कोई तथ्य नहीं है। आशीष नाथ तिवारी ने दावा किया कि महागठबंधन से 17-18 विधायक तोड़ने की बात करना बेमानी है क्योंकि इसके लिए जेडीयू को RJD, Congress और AIMIM तीनों दलों में सेंध लगानी होगी, जबकि कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट हैं और टूट की कोई गुंजाइश नहीं है।






















