बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2025) के मद्देनज़र एनडीए (NDA) में सीट बंटवारे को लेकर जारी गतिरोध आखिरकार सुलझता नजर आ रहा है। शुक्रवार को पटना में एनडीए के शीर्ष नेताओं की लगातार बैठकों के बीच सीट शेयरिंग का फार्मूला लगभग तय हो चुका है। भाजपा (BJP) के वरिष्ठ नेता और बिहार प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर पहुंचे, जहां जेडीयू (JDU) के कई दिग्गज नेता मौजूद थे। इसी बीच आरएलएसपी (RLSP) के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा की भाजपा नेताओं विनोद तावड़े और ऋतुराज सिन्हा से हुई मुलाकात ने यह साफ संकेत दे दिया है कि एनडीए में अब सब कुछ ‘ठीक’ दिशा में बढ़ रहा है।

बैठक में जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, ललन सिंह और विजय चौधरी जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, इन बैठकों में सीटों के अंतिम बंटवारे पर विस्तृत चर्चा की गई और अब केवल औपचारिक घोषणा शेष है। भाजपा और जेडीयू के बीच सीटों का अनुपात तय हो चुका है, जबकि छोटे घटक दलों — हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM), लोक जनशक्ति पार्टी (LJP-रामविलास) और RLSP — के लिए भी संतुलित फार्मूला तैयार किया गया है।

हम पार्टी के नेता और जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन ने पुष्टि करते हुए कहा, “सीट शेयरिंग की बातचीत आखिरी राउंड में है, लगभग सभी दलों के बीच सहमति बन चुकी है। आज शाम तक फाइनल ऐलान हो जाएगा।” उन्होंने संकेत दिया कि एनडीए के सभी घटक दल आगामी चुनाव में एकजुट होकर उतरेंगे।
वहीं, चिराग पासवान ने भी भाजपा नेता नित्यानंद राय से मुलाकात के बाद कहा कि “बातचीत सकारात्मक रही है, जल्द ही सब कुछ साफ हो जाएगा। जहां हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, वहां मुझे अपने सम्मान को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।” यह बयान साफ दर्शाता है कि एलजेपी (रामविलास) भी सीट बंटवारे के मसले पर अब सहमति के करीब है।
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जेडीयू के वरिष्ठ नेता नीरज कुमार ने कहा कि एनडीए के पांचों घटक दलों का एक ही लक्ष्य है—“2025 में फिर से नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाना।” उन्होंने बताया कि सीटों की संख्या को लेकर बातचीत चल रही है, लेकिन गठबंधन में कोई नाराज नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारे यहां प्यार भरा संघर्ष होता है, और सीटों का निर्धारण समय पर हो जाएगा।”
वहीं, जेडीयू के नेता विजय चौधरी ने भी कहा कि एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकर सब कुछ तय प्रक्रिया से चल रहा है। हर पार्टी अपनी राजनीतिक ताकत के हिसाब से सीट चाहती है, लेकिन अंतिम फैसला सर्वसम्मति से लिया जाएगा।
भाजपा नेता विनोद तावड़े ने भी मीडिया को बताया कि “एनडीए में कोई नाराज नहीं है, सब कुछ ठीक है।” हालांकि, सूत्र बताते हैं कि जीतन राम मांझी की पार्टी को उम्मीद से कम सीटें मिलने पर शुरुआती असंतोष था। मांझी 15 से 20 सीटों की मांग कर रहे थे, जबकि गठबंधन की ओर से 7 से 10 सीटें देने की पेशकश की गई। अब इस मुद्दे पर भी बीच का रास्ता निकाल लिया गया है।

पटना में एनडीए की लगातार बैठकों से साफ है कि गठबंधन अब चुनावी मोड में प्रवेश कर चुका है। सीट बंटवारे का ऐलान आज देर शाम या कल सुबह तक हो सकता है। इसके साथ ही बिहार में चुनावी शोर औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा और एनडीए अपनी पहली संयुक्त रैली की तारीख भी घोषित कर सकता है।






















