खगड़िया जिले के आनंदपुर परास गांव में एक होनहार छात्रा के सपने सिर्फ इसलिए चकनाचूर हो गए क्योंकि वह मैट्रिक परीक्षा में प्रथम श्रेणी से पास नहीं हो पाई। 15 वर्षीय निशि कुमारी, जो हमेशा अपने स्कूल और कोचिंग में टॉप करती थी, ने जैसे ही अपने मोबाइल पर द्वितीय श्रेणी से पास होने की खबर देखी, उसका मनोबल टूट गया।
परिवार के अनुसार, निशि पढ़ाई में बेहद तेज थी और उसे हमेशा अव्वल रहने की आदत थी। मगर इस बार जब वह अपेक्षा के अनुरूप परिणाम नहीं ला पाई, तो यह सदमा सहन नहीं कर सकी। अंदर ही अंदर टूट चुकी निशि ने खुद को कमरे में बंद कर लिया और फिर पंखे से लटक कर आत्महत्या करने की कोशिश की।
जीवन और मौत के बीच संघर्ष
परिजनों की नजर पड़ते ही हड़कंप मच गया। तुरंत उसे उतारकर स्थानीय पीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती रही। आखिरकार, बेगूसराय के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी। एक मेधावी छात्रा जिसने हमेशा किताबों से दोस्ती की थी, उसका जीवन सिर्फ एक परीक्षा के नतीजे से खत्म हो गया।