Bihar News: बिहार में प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक और बड़ा कदम सामने आया है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि नई सोच और नए विज़न के साथ काम कर रही डबल इंजन सरकार राज्य को सुशासन और समृद्धि की राह पर तेजी से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अनुभवी मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विकास के संकल्प को जमीन पर उतार रही है। सरकार की प्राथमिकता यह है कि योजनाओं का सीधा लाभ आम जनता तक पहुंचे और प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनें।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 27 दिसंबर से दाखिल–खारिज की नई व्यवस्था को पूरे राज्य में लागू कर दिया गया है, जिसे भूमि सुधार की दिशा में एक निर्णायक पहल माना जा रहा है। इस नई प्रणाली के लागू होने से जमीन से जुड़े मामलों में वर्षों से चली आ रही जटिलताओं को दूर करने में मदद मिलेगी। अब जमीन के नामांतरण से जुड़े काम अधिक पारदर्शी होंगे, प्रक्रियाएं तकनीक आधारित होंगी और लोगों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इससे न सिर्फ भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी बल्कि आम नागरिकों का भरोसा भी प्रशासन पर मजबूत होगा।
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विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नियम बदलना नहीं है, बल्कि प्रशासनिक संस्कृति को जनोन्मुखी बनाना है। नई दाखिल–खारिज व्यवस्था के जरिए लोगों को सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और समय व संसाधनों की बचत होगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में डिजिटल तकनीक के अधिक इस्तेमाल से भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन को और सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे बिहार विकास और सुशासन के मॉडल के रूप में देशभर में अपनी पहचान बनाएगा।
सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब भूमि विवाद आम लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानियों में गिने जाते हैं। नई व्यवस्था से न केवल आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद है, बल्कि निवेश और विकास के माहौल को भी मजबूती मिलेगी।






















