बिहार की राजनीति एक बार फिर इतिहास रचने जा रही है। नीतीश कुमार (Nitish Kumar Oath Ceremony) 20 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह समारोह केवल एक संवैधानिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि बिहार के राजनीतिक सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। शपथ ग्रहण के लिए गांधी मैदान को बड़े आयोजन स्थल की तरह सजाया जा रहा है, जहां हजारों की भीड़ और राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की मौजूदगी इस कार्यक्रम को विशेष बनाएगी।
एनडीए खेमे में इस ऐतिहासिक क्षण को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता सैयद शाहनवाज़ हुसैन ने इसे बिहार के लिए “सौभाग्य का क्षण” बताया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की 10वीं पारी उनका अनुभव, जनसमस्याओं की समझ और प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण है। हुसैन के मुताबिक बिहार की जनता ने इस सरकार से बड़ी उम्मीदें लगाई हैं और सरकार ने उन उम्मीदों को पूरा करने की चुनौती को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में बिहार के विकास की रफ़्तार और तेज होगी और पूरे देश की निगाहें इस शपथ समारोह पर होंगी।
वहीं भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि न सिर्फ बिहार के इतिहास में बल्कि दुनिया में पहली बार कोई नेता 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहा है। रूडी ने इसे बिहार के लिए “स्वर्णिम काल की शुरुआत” बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा की उपस्थिति यह संदेश देगी कि केंद्र और राज्य की सरकार मिलकर बिहार को नई दिशा देने जा रही हैं।






















