Bihar One Crore Jobs: बिहार सरकार ने युवाओं के भविष्य को लेकर अब तक की सबसे बड़ी और संगठित पहल की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। 2025 से 2030 के बीच एक करोड़ नई सरकारी नौकरी और रोजगार सृजन के लक्ष्य को जमीन पर उतारने के लिए राज्य सरकार ने प्रशासनिक ढांचे को नए सिरे से सक्रिय करना शुरू कर दिया है। यह केवल भर्ती प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक रोजगार रणनीति है, जिसमें हर विभाग की भूमिका तय की जा रही है।
इस महाअभियान के तहत राज्य सरकार के प्रत्येक विभाग में एक-एक नोडल पदाधिकारी की नियुक्ति की जा रही है। इन नोडल अफसरों की जिम्मेदारी होगी कि वे अपने-अपने विभागों में वर्तमान में चल रही रोजगार सृजन से जुड़ी योजनाओं, परियोजनाओं और संभावनाओं का विस्तृत ब्योरा इकट्ठा करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि आने वाले वर्षों में कौन-कौन से नए क्षेत्र ऐसे हैं, जहां से रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग ने इस संबंध में राज्य के सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों को औपचारिक पत्र भेजकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं। पत्र में यह उल्लेख किया गया है कि बिहार सरकार ने 2025-2030 की अवधि के लिए एक करोड़ नौकरी और रोजगार सृजन का लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो सभी विभागों से प्राप्त प्रस्तावों और योजनाओं का अध्ययन कर सरकार को नीतिगत परामर्श देगी।
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सरकार की सोच यह है कि रोजगार केवल सरकारी पदों तक सीमित न रहे, बल्कि कृषि, उद्योग, कौशल विकास, स्टार्टअप, स्वरोजगार और सेवा क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर अवसर पैदा हों। इसी वजह से सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी कार्य योजना में यह बताएं कि फिलहाल किन क्षेत्रों में नौकरी और रोजगार सृजन हो रहा है और भविष्य में किन सेक्टरों में नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
नोडल पदाधिकारी इस पूरी प्रक्रिया की रीढ़ होंगे। वे न केवल आंकड़ों का संकलन करेंगे, बल्कि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित करेंगे कि रोजगार सृजन की पहल बिखरी हुई न होकर एक समग्र नीति के तहत आगे बढ़े। कृषि समेत कई विभागों में नोडल पदाधिकारियों की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है, जिससे यह संकेत मिलता है कि सरकार इस योजना को कागजों तक सीमित नहीं रखना चाहती।
जानकारी के अनुसार, इस मुद्दे पर गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक 12 दिसंबर को हो चुकी है, जिसमें यह निर्णय लिया गया कि सभी विभाग एक करोड़ नई नौकरी और रोजगार सृजन के लिए विस्तृत और व्यावहारिक कार्य योजना तैयार करेंगे। आने वाले समय में इन योजनाओं के आधार पर बजट, नीतियां और परियोजनाएं तय की जाएंगी।






















