Bihar Police Zero Tolerance: बिहार में हाल के दिनों में पुलिस की छवि पर सवाल खड़े करने वाली घटनाओं ने प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। बीते पखवाड़े आधा दर्जन से अधिक मामले सामने आए, जिनमें थानों और फील्ड में तैनात पदाधिकारियों-कर्मियों का आम लोगों के साथ असम्मानजनक व्यवहार कैमरों में कैद होकर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इन वीडियो और तस्वीरों ने न केवल पुलिस की साख को झटका दिया, बल्कि यह भी दिखाया कि शीर्ष स्तर पर अनुशासित आचरण की अपील के बावजूद जमीनी स्तर पर सुधार की रफ्तार धीमी है। ऐसे मामलों में पुलिस मुख्यालय ने निलंबन से लेकर लाइन हाजिर तक की त्वरित कार्रवाई कर स्पष्ट संदेश दिया है कि वर्दी के साथ दबंगई नहीं, बल्कि जिम्मेदारी जुड़ी है।
पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने साफ कहा है कि किसी भी स्तर पर दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर तत्काल निलंबन के साथ विभागीय कार्रवाई होगी। उनका जोर इस बात पर है कि जनता का भरोसा पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी है और वही भरोसा तभी बनेगा जब व्यवहार में संवेदनशीलता और कानून के प्रति सम्मान दिखे। इसी क्रम में पुलिस मुख्यालय ने बीते साल थानों में दलालों की एंट्री रोकने के लिए विजिटर रजिस्टर में आगंतुकों का पूरा ब्योरा दर्ज करने की व्यवस्था लागू की थी। यह पहल थानों की कार्यसंस्कृति में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है, ताकि शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच गैरकानूनी ‘सेटिंग’ की गुंजाइश खत्म हो।
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तकनीक के अनुचित इस्तेमाल पर भी शीर्ष स्तर से फटकार लगी है। ड्यूटी अवधि में अनावश्यक मोबाइल इस्तेमाल करने वाले पुलिसकर्मियों को चेतावनी दी गई है। फील्ड में जवानों और अफसरों का रिल्स देखने या चैटिंग में व्यस्त रहना, आपात स्थितियों में प्रतिक्रिया समय को प्रभावित करता है और यह अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। पुलिसकर्मियों को सरकारी नंबर के व्हाट्सएप डीपी पर वर्दी लगी फोटो लगाने का निर्देश देकर पहचान और जवाबदेही को मजबूत करने की कोशिश भी की गई है, ताकि जनता तक आधिकारिक संपर्क में पारदर्शिता रहे।
जमीनी स्तर पर हुई घटनाओं ने इन निर्देशों की जरूरत को और रेखांकित किया है। थरथरी थाने के थानाध्यक्ष पर आरोपित की गिरफ्तारी के दौरान एक आंगनबाड़ी सेविका के बाल खींचने और थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल हुआ। मामले की जांच के बाद एसपी भरत सोनी ने निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी तरह बिहटा थाने में रास्ता विवाद सुलझाने पहुंचे महिला दारोगा श्वेता कुमारी द्वारा एक व्यक्ति को थप्पड़ मारने का वीडियो सामने आने पर सिटी एसपी पश्चिमी भानुप्रताप सिंह ने अनुशासनहीनता के आरोप में उन्हें लाइन हाजिर कर दिया। इन कार्रवाइयों से यह संकेत गया है कि वायरल वीडियो केवल शर्मिंदगी का कारण नहीं बनेंगे, बल्कि जिम्मेदारी तय होने पर करियर पर भी असर डालेंगे।






















