Bihar Politics: राज्य सरकार के मंत्री संतोष सुमन ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और राष्ट्रीय जनता दल को साफ शब्दों में नसीहत देते हुए कहा है कि बिना वजह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर लगातार हमले करना विपक्ष को महंगा पड़ सकता है। उनका कहना है कि जनता पहले ही राजद को उसके रवैये का जवाब दे चुकी है और अगर अब भी राजनीतिक भाषा और व्यवहार नहीं बदला गया, तो अगली बार सीटों का आंकड़ा और सिमट सकता है।
संतोष सुमन का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब हिजाब विवाद को लेकर राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को निशाने पर लिया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि सत्ता से बाहर होते ही राजद ने आलोचना को ही अपनी राजनीति का केंद्र बना लिया है, जबकि बिहार की जनता ने विधानसभा चुनाव में स्पष्ट जनादेश देकर नीतीश कुमार पर भरोसा जताया। उन्होंने याद दिलाया कि एनडीए ने 2010 जैसे नतीजों को दोहराया और नीतीश कुमार के नेतृत्व पर जनता की मुहर फिर से लगी, वहीं मुख्यमंत्री को लगातार टारगेट करने वाली राजद को सिर्फ 25 सीटों पर संतोष करना पड़ा।
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संतोष सुमन ने आगे कहा कि यह सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि जनता के धैर्य और राजनीतिक समझ का संकेत है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी ने अपनी कार्यशैली और भाषा में सुधार नहीं किया, तो अगली बार जनता उन्हें महज 5 सीटों तक सीमित कर सकती है। उनका कहना था कि जनता ने न सिर्फ राजद को, बल्कि उस सबसे बड़ी पार्टी को भी नहीं बख्शा, जो चुनाव से पहले अपना दबदबा दिखा रही थी। इससे साफ है कि बिहार की राजनीति में अहंकार और अनावश्यक बयानबाज़ी के लिए कोई जगह नहीं है।
मंत्री ने तेजस्वी यादव को व्यक्तिगत सलाह देते हुए कहा कि उन्हें बयान देने की बजाय ज़मीनी स्तर पर काम करना चाहिए, लोगों के बीच जाना चाहिए और उनका भरोसा जीतना चाहिए। संतोष सुमन ने नीतीश कुमार को गरीबों का मसीहा बताते हुए कहा कि उन्होंने एक-एक व्यक्ति के लिए योजनाएं चलाई हैं और ज़मीन पर काम किया है। ऐसे नेता पर बेबुनियाद आरोप लगाने का नतीजा राजनीतिक नुकसान के रूप में सामने आता है और आगे भी आएगा।
मनरेगा के नाम में संभावित बदलाव को लेकर उठ रहे सवालों पर संतोष सुमन ने कहा कि विपक्ष का काम आलोचना करना होता है और इससे ज्यादा वे कर भी क्या सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार जब भी किसी योजना का नाम बदलती है, तो उसके पीछे सोच-विचार होता है। इसे किसी खास नजरिए से देखने की जरूरत नहीं है, असली मुद्दा यह है कि योजना से लोगों को अधिक से अधिक लाभ मिले और रोजगार के अवसर बढ़ें।
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ईवीएम को लेकर सांसद सुप्रिया सुले के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए संतोष सुमन ने तंज कसा और कहा कि अगर वास्तव में ईवीएम में गड़बड़ी होती, तो एनडीए 243 सीटें जीत चुका होता और हर राज्य में उसकी सरकार होती। उन्होंने विपक्ष को नसीहत दी कि अगर ग्राउंड पर जनता से जुड़ाव नहीं होगा और होमवर्क कमजोर रहेगा, तो हार का ठीकरा ईवीएम पर ही फोड़ा जाएगा, जबकि जनता सब कुछ देख और समझ रही है।
भाजपा नेता नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर संतोष सुमन ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह भाजपा की दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। एक युवा चेहरे को आगे बढ़ाना और बिहार से किसी नेता को राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी देना राज्य के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्होंने विश्वास जताया कि नितिन नबीन को जो दायित्व सौंपा गया है, उसका वे पूरी निष्ठा से निर्वहन करेंगे।






















