Bihar Political Crisis: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने बड़ा बयान देते हुए दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) बिहार में वही खेल खेलने वाली है, जो महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे के साथ किया गया था। उनका कहना है कि सत्ता समीकरण और पद बंटवारे को लेकर जो हालात बन रहे हैं, उससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि राजनीतिक जमीन पर बड़ा बदलाव हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट रूप से कहा कि होम डिपार्टमेंट और विधानसभा अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद भाजपा को सौंपे जाने के फैसले पर RJD टिप्पणी नहीं कर सकती, क्योंकि यह पूरी तरह मुख्यमंत्री का अधिकार क्षेत्र है।
तेजस्वी यादव के ‘चप्पल वाले विधायक’ का इतना बड़ा दिल.. गरीबों को बांट देंगे सब सैलरी !
RJD विधायक राहुल शर्मा ने भी स्पष्ट किया कि यदि RJD ने विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार नहीं दिया, तो यह भी एक तरह का समर्थन ही है। उन्होंने कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि नए अध्यक्ष निष्पक्ष और सकारात्मक माहौल बनाएं ताकि सरकार और विपक्ष दोनों मिलकर जनता के हित में काम कर सकें।

वहीं RJD विधायक आलोक मेहता ने राज्य सरकार की बुलडोजर कार्रवाई को लेकर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि सरकार यह भूल रही है कि उसे जनता ने वोट विकास और सुरक्षा के नाम पर दिया था, न कि गरीबों के सिर से छत छीनने के लिए। उनका कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाना ही था, तो पहले लोगों को रहने का वैकल्पिक इंतजाम देना चाहिए था, लेकिन बिना पुनर्वास के मकान तोड़ना बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह समझना होगा कि लोकतंत्र में जनता सबसे बड़ी है और गरीबों की आवाज़ को अनसुना करना सत्ता के लिए खतरा साबित हो सकता है।






















