बिहार की सियासत इन दिनों एग्जिट पोल के बाद और ज्यादा गरमा गई है। राजद (RJD Controversy) नेता सुनील कुमार सिंह के विवादित बयान ने पूरे राजनीतिक माहौल को झकझोर दिया है। एनडीए (NDA) खेमे के तमाम दिग्गज नेताओं — जेडीयू (JDU), बीजेपी (BJP), एलजेपी (LJP) और यहां तक कि केंद्रीय मंत्रियों तक — ने सुनील सिंह के इस भड़काऊ बयान की न सिर्फ कड़ी निंदा की है बल्कि इसे “राजद की मानसिकता और हताशा का परिचायक” बताया है।
जेडीयू मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि “ऐसे बयान देने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। राजद की यही उदंडता और भाषा है जिसके कारण जनता उन्हें 2005 से नकारती आई है। लोकतंत्र में हार-जीत को विनम्रता से स्वीकार करना चाहिए, लेकिन राजद के लोग हर बार अराजकता फैलाने की कोशिश करते हैं।”
जेडीयू अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने भी राजद की “मानसिकता” पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार की जनता ने सुशासन के नाम पर वोट दिया है। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र की जननी बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में सुशासन की सरकार चल रही है, और जनता ने फिर उस पर मुहर लगाई है। राजद के नेता भड़काऊ बातें कर समाज को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जनता ऐसे लोगों को जवाब दे चुकी है।”
RJD नेता सुनील सिंह पर FIR दर्ज.. मतगणना को लेकर भड़काऊ बयान देने का आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने तीखे शब्दों में कहा कि “राजद हताशा में है और जब कोई दल हताशा में होता है तो उसकी भाषा बदल जाती है। बिहार की जनता एनडीए को जनादेश दे चुकी है और इस बार एनडीए भारी बहुमत से सरकार बनाएगी।”
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सुनील कुमार सिंह के बयान को “जंगलराज की पाठशाला” का नतीजा बताते हुए कहा कि “ये लोग अराजकता को गुंडाराज में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन बिहार अब शांति और विकास का राज्य बन चुका है। लोकतंत्र का महापर्व पवित्रता के साथ मनाया जाना चाहिए और जो इसे दूषित करने की कोशिश करे, उसे सजा मिलनी चाहिए।”
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी राजद के बयान को “लोकतंत्र के लिए खतरनाक” बताते हुए कहा कि “विपक्ष की हताशा साफ झलक रही है। जनता अब 90 के दशक का जंगलराज वापस नहीं चाहती। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी नेतृत्व क्षमता से यह साबित किया है कि ‘टाइगर अभी जिंदा है।’”
जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि “राजद को हार का डर सताने लगा है, इसलिए वे चुनाव आयोग पर ठीकरा फोड़ने और जनता को भड़काने का काम कर रहे हैं। लेकिन जनता ने निर्भीक होकर मतदान किया है और ऐसे नेताओं को सबक सिखाने का काम कर दिया है।”
एलजेपी (रामविलास) सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि “राजद के नेताओं की यही पुरानी सोच है — समाज में विभाजन और हिंसा फैलाना। सोशल मीडिया पर इस तरह की धमकियां देना शर्मनाक है। अगर राजद में थोड़ी भी गरिमा बची है, तो ऐसे नेता पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।”






















