बिहार में अवैध खनन और बालू ढुलाई (Bihar Sand Mining) पर सरकार ने सबसे कड़ी भाषा में चेतावनी जारी कर दी है। खान एवं भूतत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक ऐसे दौर में बड़ा बयान दिया है, जब राज्य में अवैध खनन नेटवर्क की गतिविधियों पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि अब सरकार की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था की मजबूती है और इस लड़ाई में न तो माफियाओं को रियायत मिलेगी और न ही लापरवाह सिस्टम को छोड़ दिया जाएगा।
विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि अवैध खनन में शामिल हर व्यक्ति को अब अपनी गतिविधियाँ तुरंत रोक देनी चाहिए, क्योंकि सरकार अब किसी भी तरह की ढिलाई बरदाश्त करने वाली नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि बालू माफिया हो या कोई संगठित अवैध कारोबारी, उनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जिसकी मिसाल याद रखी जाएगी। मंत्री का यह बयान राज्य में चल रही कड़ी निगरानी का संकेत भी माना जा रहा है।
उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को भी कड़े शब्दों में निर्देश दिया कि किसी भी थाना क्षेत्र से अगर अवैध बालू लदा वाहन गुजरता है और कार्रवाई नहीं की जाती, तो उस थानाध्यक्ष को तत्काल निलंबन का सामना करना पड़ेगा। मंत्री ने यह भी कहा कि सिस्टम की लापरवाही अब किसी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है—बिहार को अवैध कारोबार और माफिया तंत्र से मुक्त करना।
इसी दौरान राहुल गांधी की जर्मनी यात्रा पर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने राजनीतिक तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि बिहार के विधानसभा चुनाव परिणाम ने कई नेताओं को सिखाया है कि राजनीति केवल विरासत पर नहीं चलती। उनका इशारा राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की ओर था, जिन्हें उन्होंने “सोने का चम्मच लेकर राजनीति में आने वाला नेता” बताया। साथ ही यह भी कहा कि जनता का विश्वास केवल उन्हीं को मिलता है जिनकी पकड़ जमीन पर मजबूत हो।
बिहार में बढ़ते एनकाउंटर मामलों को लेकर भी मंत्री ने सरकार का रुख साफ कर दिया। उन्होंने कहा कि अपराधियों, शराब माफियाओं, बालू माफियाओं और जमीन अतिक्रमण में लगे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई और तेज होगी। सुशासन सरकार अपराध के किसी रूप को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है और आने वाले दिनों में और भी कड़ी रणनीति के संकेत मिल सकते हैं।






















